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J&K: कोरोना संक्रमण से बचाव के लिए बेकरी फै​क्ट्रियों को दी जा रही खास ट्रेनिंग

श्रीनगर: कोरोना वायरस (coronavirus) के संक्रमण के डर ने जीवन जीने का तरीका बदल दिया ​है. शोक सभा हो या शादी का जश्न सब को निभाने के तरीके बदल गए हैं. यहां तक कि त्योहार मनाए जाने के तरीके भी बदल गए हैं.

इस्लामी त्योहार ईद से पहले, जम्मू-कश्मीर में प्रशासन कोरोना वायरस संक्रमण की किसी भी संभावना को रोकने के लिए व्यक्तिगत सुरक्षा, प्रोडक्शन और डिस्ट्रीब्यूशन के लिए बेकर्स को ट्रेन कर रहा है.

ईद के मौके पर कश्मीर में बेकरी एक अनिवार्य हिस्सा है. इसे समझते हुए प्रशासन ने लॉकडाउन (Lockdown) में स्थानीय लोगों की स्वच्छता सुनिश्चित करने के साथ ही होम डिलीवरी के लिए कहा है.

श्रीनगर के कई बेकर्स पहले ही कोविड 19 परीक्षण के लिए जा चुके हैं और इसके बाद ही उन्हें अपने कारखाने शुरू करने की अनुमति दी गई है.

श्रीनगर शहर में लगभग 500 बेकर्स को प्रशिक्षित किया गया है और एक खरीदार को स्वच्छता का भरोसा रहे इसलिए बेकरी मालिकों को एक प्रमाण पत्र भी जारी किया गया है.

श्रीनगर के डिप्टी कमिश्नर डॉ. शाहिद इकबाल चौधरी ने बताया, ‘ हमें कोरोना वायरस को एक हकीकत मानते हुए अपनाना होगा और इसके साथ जीने की राहें निकालनी होंगी. हम कुल 10 हजार सर्विस प्रोवाइडरों को प्रशिक्षित कर रहे हैं. हमने बेकरी से शुरुआत की और प्रशिक्षण के बाद, उन्हें एक प्रमाण पत्र प्रदान किया जाता है, जिसे वे अपनी दुकान पर प्रदर्शित करते हैं, जिससे ग्राहक में विश्वास बढ़ता है.’

श्रीनगर में बेकरी कारखाने दो महीने से अधिक समय तक बंद रहने के बाद फिर खुल रहे हैं. बेकरी की ताजा सुगंध फिर से बाहर आना शुरू हो गई है और बेकर्स होम डिलीवरी के लिए वाहनों को तैयार कर रहे हैं.

श्रीनगर के बाहरी इलाके में एक फैक्ट्री में, बेकर बिस्कुट, केक और अन्य मिठाइयां बना रहे हैं, पीपीई सूट और मास्क पहने हुए. बेकरी मालिक का कहना है कि कोविड 19 के प्रसार को रोकने के लिए एहतियात के तौर पर कारखाने में काम करने वाले लोगों को बाहरी दुनिया से अलग रखा गया है, ये कर्मचारी फैक्ट्री के भीतर ही रहते हैं.

हैट्रिक फूड्स के हेड बेकर मुख्तार अहमद कहते हैं, ‘हम काम के वकत दूरी बनाए रखते हैं. आमतौर पर, यहां दर्जनों लोग काम किया करते थे लेकिन अब कुछ ही लोग काम कर रहे हैं. महामारी के कारण प्रोडक्शन में भी गिरावट हुई है.’

इस साल ईद के त्योहार पर जोश दुनिया भर में कम देखा जाएगा. कोरोना वायरस के प्रसार को रोकने के लिए मार्च के मध्य में लगाए गए लॉकडाउन के कारण लोग ईद के त्योहार को लगभग घरों के भीतर ही मनाएंगे.

हैट्रिकौ बेकरी के मालिक बाबर चौधरी कहते हैं, ‘इस फैक्ट्री में सैकड़ों कर्मचारी काम करते थे और ईद के मौके पर हमें और कर्मचारी लगाने पड़ते थे. ईद पर 450 के करीब कर्मचारी होते थे. मगर आज हमारे पास केवल 18 लोग हैं. दस्ताने और पीपीई सूट अब बेकरी का एक अनिवार्य हिस्सा बन गए हैं.”

बेकरी के बाद प्रशासन अन्य सर्विस प्रोवाइडरों को भी कुछ ट्रेनिंग और कुछ सुझावों के साथ धीरे धीरे खोलने का इरादा रखती है ताकि कुछ हद तक जीवन पटरी पर लौटे.

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