ICMR ने बढ़ाया टेस्टिंग का दायरा, कहा, ‘कोरोना से लड़ाई के लिए भारत के पास पर्याप्त हथियार’

नई दिल्ली: कोरोना वायरस (coronavirus) के खिलाफ जंग में आईसीएमआर ने टेस्ट करने का दायरा बढ़ा दिया है. राज्यों को निर्देश दिए गए हैं कि लक्षणों के साथ आए सभी श्रमिकों का टेस्ट हो और बिना लक्षणों वाले श्रमिकों को 14 दिन के लिए क्वारंटाइन करें.

 वहीं जिन राज्यों में वायरोलॉजी टेस्ट करने वाली आधुनिक लैब नहीं है, वहां ट्रू नैट टेस्ट के जरिए जांच करने के लिए मशीनें लगाई जा रही हैं. विशेष रूप से यूपी बिहार और पश्चिम बंगाल में लैब और मशीनों की संख्या बढ़ाई जा रही है.

भारत के पास आज 610 लैब हैं जिनमें से 432 सरकारी और 178 प्राइवेट हैं. भारत में एक दिन में अब डेढ़ लाख के करीब टेस्ट किए जा रहे हैं. आईसीएमआर का दावा है कि जल्द ही रोजाना 2 लाख टेस्ट किए जाएंगे.

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आईसीएमआर ने माना कि 2009 में जब स्वाइन फ्लू आया था. भारत में केवल 2 लैब थी और उस वक्त स्वास्थ्य व्यवस्था चरमरा गई थी. एक लैब NIV Pune और दूसरी NCDC Delhi में है.

यह भी बात ध्यान देने वाली है कि भारत के हर जिले में अभी मेडिकल कॉलेज नहीं है इसीलिए टीबी का टेस्ट करने वाली 357 ट्रू-नेट मशीन को कोरोना वायरस के टेस्ट में इस्तेमाल किया जा रहा है. इसके अलावा तकरीबन 608 मशीनें ऐसे जिलों तक पहुंचाई जा रही हैं जहां अभी लैब बनाना मुमकिन नहीं है.

हालांकि LAB में बायोमेडिकल वेस्ट को ठिकाने लगाने का तरीका और बायो सेफ्टी केबिनेट होना बेहद जरूरी है यह भी आईसीएमआर ने कहा. अगर ऐसा न हुआ तो लैब से ही संक्रमण सब तरफ फैल सकता है.

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