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DNA ANALYSIS: ZEE NEWS के कोरोना योद्धाओं की कहानी, जानें उन्हीं की जुबानी

नई दिल्ली: आज हम आपका परिचय Zee Warriors से कराना चाहते हैं.  हमारे 29 Zee Warriors कोरोना से संक्रमित हैं. लेकिन इनके हौसले और जज्बे में कोई कमी नहीं आई और आज आपको भी हमारे इन साथियों की हिम्मत को सलाम करना चाहिए. 

ये Zee Warriors कोरोना से संघर्ष कर रहे हैं और ZEE NEWS का पूरा परिवार इनके साथ मजबूती से खड़ा है. लेकिन हमारे देश में मौजूद टुकड़े-टुकड़े गैंग को ये बात हजम नहीं हो रही और ये गैंग Zee Warriors की हिम्मत तोड़ने का पूरा प्रयास कर रहा है. ये सब लोग मिलकर ZEE NEWS को सील करने की मांग कर रहे हैं. ZEE NEWS का हेडक्वार्टर सील हो चुका है लेकिन इन लोगों को अब तक तसल्ली नहीं हुई है.

मीडिया जरूरी सेवाओं का हिस्सा है और हमारे साथी फ्रंट लाइन पर काम करते हुए इस स्थिति में पहुंचे हैं. लेकिन इस मौके पर भी ये गैंग अपने एजेंडे से पीछे नहीं हट रहा. हम इनसे पूछना चाहते हैं कि जिन अस्पतालों में काम करते हुए डॉक्टर्स और स्वास्थ्यकर्मी संक्रमित हुए हैं, उन अस्पतालों को सील करने की मांग इन्होंने कभी नहीं की. बहुत सारे पुलिसकर्मी भी कोरोना का शिकार हुए हैं तो क्या सारे पुलिस थानों को भी सील कर देना चाहिए?

ऐसा संभव नहीं है क्योंकि स्वास्थ्यकर्मी और पुलिसकर्मी भी जरूरी सेवाओं का हिस्सा हैं और उनके काम में किसी तरह की बाधा नहीं पहुंचाई जा सकती. आपको याद होगा कि जब दिल्ली में तबलीगी जमात के हेडक्वार्टर में सैंकड़ों लोग पॉजिटिव पाए गए थे, तब इन लोगों ने उस इमारत को सील करने की मांग नहीं की.

लेकिन इन सब लोगों का मिशन सिर्फ ZEE NEWS के खिलाफ दुष्प्रचार करना है. ये लोग चाहते हैं कि किसी भी तरह ZEE NEWS की आवाज दबा दी जाए. इस काम में इनकी मदद वो वेबसाइट्स और सोशल मीडिया पर मौजूद वो लोग कर रहे हैं जिनकी फंडिंग टुकड़े-टुकड़े गैंग करता है. इसके पीछे प्रशांत भूषण जैसे वरिष्ठ वकील भी हैं. कई बुद्धिजीवी और डिजाइनर पत्रकार भी हैं. ये वो लोग हैं जो आतंकवादियों की फांसी रुकवाने के लिए आधी रात को सुप्रीम कोर्ट चले जाते हैं, लेकिन अब इन सब लोगों ने अपनी पूरी ताकत हमसे लड़ने में लगा दी है.

इन सब लोगों की सारी दुश्मनी सिर्फ ZEE NEWS से है. इसी दुश्मनी के तहत पहले हमारे खिलाफ गैर जमानती धाराओं में FIR दर्ज कराई गई, फिर हमें दुनियाभर से धमकियां आने लगीं और अब हमारे साथियों के प्रति सहानूभूति और संवेदना दिखाने की बजाय ये गैंग ZEE NEWS के खिलाफ अपना एजेंडा चला रहा है. लेकिन हम इनके इस एजेंडे को पॉजिटिविटी से हराएंगे. 

ये काम हमारे अलावा हमारे वो 29 साथी भी करेंगे जो इस समय कोरोना से पीड़ित हैं. आज इनमें से कुछ साथियों ने हमें अस्पताल के बेड्स से अपने संदेश भेजे हैं और शुभकामनाएं भेजी हैं. आज हम आपका परिचय उन Zee Warriors से कराएंगे जो नफरत के इस एजेंडे के बावजूद पूरे जज्बे के साथ संकट का सामना कर रहे हैं. 

सबसे पहले आप मीनाक्षी सिंह से मिलिए. मीनाक्षी ने ZEE NEWS के साथ अपना सफर करीब एक साल पहले ही शुरु किया था. मीनाक्षी पत्रकारिता की चुनौतियों और अपने कर्तव्यों से अच्छी तरह वाकिफ हैं, यही वजह है कि इस संकट के समय भी इन्होंने अपनी 2 साल 9 महीने की बच्ची को घर पर छोड़कर हर रोज ऑफिस आने का फैसला किया. मीनाक्षी इस समय अस्पताल में हैं और इनके पति फिलहाल कोलकाता में हैं. मीनाक्षी के पति अम्फान तूफान की वजह से इस समय कोलकाता में ही फंसे हुए हैं. ये चुनौतियां किसी को भी तोड़ सकती हैं. लेकिन मीनाक्षी का जज्बा तूफान और कोरोना के सामने चट्टान बनकर खड़ा है. 3 साल से भी छोटे बच्चे को घर पर छोड़कर काम पर आना आसान नहीं होता है. मीनाक्षी के पास भी देश के करोड़ों लोगों की तरह लॉकडाउन में रहने का मौका था, लेकिन उन्होंने तय किया कि वो ZEE NEWS के अपने साथियों को इस मुश्किल की घड़ी में अकेला नहीं छोड़ेंगी. वो लगातार ऑफिस आती रहीं और इस बीच उन्हें कोरोना का संक्रमण हो गया. जांच रिपोर्ट आने के बाद मीनाक्षी थोड़ा घबराईं जरूर लेकिन फिर उन्होंने हालात से लड़ने का फैसला किया. मीनाक्षी की बेटी को उनके छोटे भाई के साथ घर पर ही क्वारंटाइन किया गया है.

अब आप समझ गए होंगे कि एक पत्रकार होते हुए मां की जिम्मेदारी निभाना कितना मुश्किल काम होता है. लेकिन मीनाक्षी चुनौतियों के सामने मजबूती से खड़ी हैं और उन्होंने ZEE NEWS के दर्शकों के लिए एक खास संदेश भी भेजा है. 

अब आप ZEE NEWS के सबसे युवा पत्रकारों में से एक हार्दिक दवे से मिलिए. हार्दिक सिर्फ 24 साल के हैं और वो ZEE NEWS में आधे घंटे के स्पेशल शो भी बनाते हैं. ये Voice Overs भी करते हैं यानी ZEE NEWS पर दिखने वाली कहानियों को आवाज भी देते हैं. ये जिम्मेदारियां निभाने के बाद हार्दिक के पास अपने लिए जो समय बचता है, उसमें ये हिंदी साहित्य की किताबें पढ़ते हैं. 

हार्दिक IIMC से पास ऑउट हैं और उन्होंने मनोविज्ञान की पढ़ाई भी की है. हार्दिक अक्सर कहते हैं स्थितियां वैसी नहीं होती, जैसी आपको दिखाई देती हैं, बल्कि स्थितियां वैसी ही हो जाती हैं जैसा आप उन्हें मानते हैं. 

हार्दिक के माता पिता इंदौर में रहते हैं. हार्दिक अपने घर से इतनी दूर पत्रकारिता में कैरियर बनाने के लिए आए हैं. अब आप सोचिए 24 साल की जिस उम्र में देश के कई युवाओं को ये भी अंदाजा नहीं होता कि उन्हें आगे चलकर करना क्या है, उस उम्र में हार्दिक ने पत्रकारिता को अपने पेशे के तौर पर चुन लिया और इस पेशे से अपना प्यार निभाते निभाते आज वो कोरोना से लड़ रहे हैं. हार्दिक कोरोना से अपनी लड़ाई और पत्रकार के तौर पर अपनी भूमिका को लेकर क्या कहते हैं आपको जरूर सुनना चाहिए. 

अब आपको ZEE NEWS की उस महिला पत्रकार से मिलना चाहिए जो हमारे शब्दों को ग्राफिक्स का रूप देती हैं. इनका नाम है गीतिका अरोड़ा. ZEE NEWS पर जो आंकड़े और जानकारियां आप ग्राफिक्स के रूप में देखते हैं, उन्हें गीतिका ही ये आकार देती हैं. गीतिका भी कोरोना पॉजिटिव हैं, लेकिन इससे इनकी पॉजिटिविटी में कोई कमी नहीं आई है. गीतिका अपने सास-ससुर, पति और एक 9 साल के बेटे के साथ रहती हैं. मीनाक्षी की तरह गीतिका भी दो परिवारों के बीच बंट गईं. एक उनका अपना परिवार है, जिसका इन्हें ख्याल रखना होता है और दूसरा है ZEE NEWS का परिवार, जिसके प्रति ये अपना कर्तव्य पूरी निष्ठा से निभाती हैं. 

गीतिका को खाना बनाने का बहुत शौक है ये अक्सर न्यूज रूम के अपने साथियों के लिए उनकी डिमांड पर कुछ ना कुछ बनाकर लाती रहती हैं. गीतिका जीवन की चुनौतियों का सामना मुस्कुराकर करती हैं और आज गीतिका ने आप सबके लिए एक खास संदेश भेजा है.

ZEE NEWS की इस टीम में एक और युवा पत्रकार हैं जिनका नाम है रोहित जुगलान. 28 साल के रोहित भी कोरोना पॉजिटिव पाए गए हैं. रोहित का काम भी आप तक खबरें पहुंचाना है. रोहित ZEE NEWS की टीम के उन प्रोड्यूसर्स में से एक हैं, जो रातभर खबरों का विश्लेषण करने के बाद सुबह-सुबह आपके लिए स्पेशल शो लेकर आते हैं. जब आप सो रहे होते हैं तो रोहित रातभर जागकर आपके काम की खबर ढूंढ रहे होते हैं, ताकि आपको सुबह उठते ही नई-नई जानकारियां दी जा सकें. रोहित को क्रिकेट खेलने का भी शौक है और ये जबरदस्त फील्डिंग भी करते हैं. यानी चाहें क्रिकेट की गेंद हो या कोई खबर, ये कभी कैच मिस नहीं करते. 

देखें DNA-

रोहित Corona Warriors के तौर पर अपनी जिम्मेदारियों को लेकर क्या कहते हैं ये भी आपको सुनना चाहिए. और अब आपको उस Zee Warrior से मिलवाते हैं जिनमें सबसे पहले कोरोना वायरस की पुष्टि हुई थी. इनका नाम है मनीष मृणु. मनीष फिलहाल नाइट शिफ्ट में काम कर रहे थे और इन पर उन तमाम खबरों की जिम्मेदारी होती है जो आप सुबह सुबह ZEE NEWS पर देखते हैं. आप मनीष को ZEE NEWS का वो Whistel Blower भी कह सकते हैं जिन्होंने अपने लक्षणों की सबसे पहले जानकारी दी. मनीष ने ही उन लोगों की पहचान की जो उनके संपर्क में आए थे. मनीष इस समय दिल्ली के एक अस्पताल में भर्ती हैं. आप कोरोना वायरस से कैसे लड़ सकते हैं, इसे लेकर मनीष के पास कुछ महत्वपूर्ण जानकारियां हैं, इसलिए आपको मनीष मृणु का ये संदेश जरूर सुनना चाहिए. 

हम आपको एक और Zee Warrior से मिलवाते हैं. इनका नाम है रिजवान शाहिद. रिजवान ZEE NEWS की मॉर्निंग शिफ्ट में प्रोडक्शन इंचार्ज हैं. यानी सुबह से दोपहर तक आप जो भी खबरें देखते हैं, फील्ड से हमारे पास रिपोर्टर्स से जो भी खबरें और तस्वीरें आती हैं, उन सब को सही तरीके से आप तक पहुंचाने की जिम्मेदारी रिजवान के पास होती है. रिजवान पिछले 6 सालों से ZEE NEWS के साथ जुड़े हैं. रिजवान के परिवार में उनकी पत्नी और दो बच्चे हैं. 

बहुत सारे चैनल अपने बारे में विज्ञापन करते हैं लेकिन हम ऐसा नहीं करेंगे. यही लोग हमारे असली ब्रांड अंबेस्डर हैं. हम हमेशा कहते आए हैं कि हमारी असली पूंजी हमारे Zee Warriors और आप यानी हमारे दर्शक हैं. इसलिए हमारे साथियों की बातें आपको भी सुन लेना चाहिए कि Zee Warriors को लेकर ये सारे लोग क्या सोचते हैं. इन संदेशों में शुभकामनाएं और हौसला अफजाई दोनों छिपे हैं. 

 

[source_ZEE NEWS]