CPI में पिछले साल के मुकाबले 8.33 % की बढ़ोतरी, कोर इंडस्ट्री का उत्पादन माइनस में पहुंचा

नई दिल्ली: कंज्यूमर प्राइस इंडेक्स की महंगाई दर अप्रैल में 3 प्वाइंट बढ़कर 329 प्वाइंट पर आई है. अप्रैल माह में चावल गेहूं, आटा, अरहर, दाल, सरसों का तेल, मीट, चीनी, टमाटर, गोभी आलू गाजर सब्जियां महंगी हुई, इसके अलावा कुकिंग गैस के दाम में भी बढ़ोतरी दिखी, जबकि प्याज लहसुन पेट्रोल परमल फूलों के दामों में गिरावट हुई. कंज्यूमर प्राइस इंडेक्स में पिछले साल के मुकाबले 8.33 %की बढ़ोतरी है, जबकि पिछले महीने के मुकाबले 5.45% की बढ़ोतरी है.

वहीं खाने-पीने की महंगाई पिछले साल के मुकाबले 4.2% बढ़ी है, जबकि पिछले महीने के मुकाबले 6.5% बढ़ी. सबसे ज्यादा महंगा जहां हुआ है, वह तिनसुखिया के डूमदूमा सलेम और सूरत में रहा है, जबकि वडोदरा छिंदवाड़ा भिलाई में दाम कम बढ़े.

भारत का जीडीपी घटा
2019-20 में कांस्टेंट प्राइस पर GDP 4.2 रहा. इससे पिछली साल में 6.1% था, जबकि 2019-20 की लास्ट तिमाही में 3.1 रहा. रुपये के हिसाब में ये GDP 145.66  लाख करोड़ रुपए 2019-20 में रहा, जबकि 2018-19 में ये 139.81 लाख करोड़ रुपए था. हालांकि अगर करंट प्राइस पर मापा जाए तो GDP 7.2% (2019-20) रहा, जबकि इससे पिछले साल में 11.0% था.

लोगों की आय बढ़ी
करंट प्राइस पर प्रति व्यक्ति आय 1,34,226 रुपये सालाना रही 2019-20 में, जबकि 2018-19 में ये 1,26,521 रुपये थी. रियल टर्म में ये 2019-20 में 94954 रुपए रही और इससे पिछले साल 92,085 रुपये थी.

कोर इंडस्ट्री के उत्पादन ने अप्रैल में माइनस में गोता लगाया
अप्रैल 2020 में कोर इंडस्ट्रीज के प्रोडक्शन का सूचकांक गिरकर -38 (माइनस 38)आ गया है. यह सूचकांक दर्शाता है कि किन-किन क्षेत्र में कितना उत्पादन हो रहा है और इसके माइनस में जाने का मतलब है कि उत्पादन ठप रहा और रोजगार पर भी असर पड़ा. मार्च महीने में यह -9 (माइनस 9) था. जिन कोर इंडस्ट्रीज के उत्पादन को इस सूची में शामिल किया जाता है वह है कोल, क्रूड ऑयल, सीमेंट, नेचुरल गैस, स्टील, इलेक्ट्रिसिटी, फर्टिलाइजर और रिफाइनरी प्रोडक्ट. सीमेंट का उत्पादन 86% गिरा है, कोल का 15 परसेंट गिरा ,नेचुरल गैस का 19.9% गिरा,स्टील का 83.9% गिरा इलेक्ट्रिसिटी का 22.8 परसेंट गिरा. सभी 8 इंडस्ट्रीज कुल इंडस्ट्रियल प्रोडक्शन डाटा में 40% का वेटेज रखती हैं.

[source_ZEE NEWS]
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