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Coronavirus: नॉन कोविड-19 मरीजों से वसूला जा रहा कोरोनो सिक्योरिटी चार्ज, प्रशासन ने साधी चुप्पी

मुंबई: कोरोना काल (Coronavirus) में हॉस्पिटल्स पर भी गंभीर आरोप लग रहे हैं. मुंबई से सटे मीरा रोड के एक हॉस्पिटल भक्ति वेदांत पर आरोप है कि हॉस्पिटल अपनी तमाम फीस के अलावा अब आम मरीजों से कोरोनो सिक्योरिटी चार्जेज के नाम पर 300 रुपए और 100 रुपए वसूल रहा है. इसमें सबसे ज्यादा हैरान करने वाली बात ये है कि जब हम इन शिकायतों के साथ नगर पालिका कमिश्नर के पास जाते हैं, तो ना तो वो फोन पर जवाब देते हैं और ना हीं मिलने का वक्त देना पसंद करते हैं. 

ये पूरा मामला तब सामने आया जब 17 मई को नरेश मंचल का काशी मीरा रोड के पास वेस्टर्न एक्सप्रेस हाईवे पर एक्सीडेंट हो गया. नरेश को भक्ति वेदांत हॉस्पिटल में लाया गया लेकिन इलाज के बाद नरेश के नाम से 4 फीस पेपर बने.

पहला हॉस्पिटल कंसल्टेंसी फीस, दूसरा CT Scan और Xray, तीसरा दवाइयों का और चौथा COVID-19 सिक्योरिटी चार्जेज का. हॉस्पिटल ने नरेश से 300 रुपए COVID-19 सिक्योरिटी चार्जेज के नाम पर वसूले हैं.

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जब इस बारे में ज्यादा पूछताछ की गई तो पता चला कि इमरजेंसी वार्ड में आने वाले हर मरीज से 300 रुपए और ओपीडी में आने वाले हर मरीज से 100 रुपए बतौर COVID-19 सिक्योरिटी चार्जेज के तौर पर वसूले जा रहे हैं. ये ऐसे वक्त में हो रहा है जब मुंबई से सटा मीरा रोड और भायंदर इलाका रेड जोन में आता है. यहां अधिकतर हॉस्पिटल में COVID-19 के मरीज आते हैं, लेकिन भक्ति वेदांत नॉन COVID-19 हॉस्पिटल है.

इस इलाके के अधिकतर दूसरे रोगों के मरीज इसी हॉस्पिटल में अपने इलाज के लिए आ रहे हैं. ऐसे में मजबूर मरीज और उसके रिश्तेदारों पर इस स्पेशल COVID-19 सिक्योरिटी चार्जेज का बोझ डाला जा रहा है.  

जब ZEE NEWS ने इस मामले में हॉस्पिटल के डॉ अजय सांखे से बात करी तो उनका कहना था कि इन दिनों हमें अपने स्टाफ की OPD में आने वाले Covid-19 के आने वाले संभावित मरीजों से बचाव के लिए मास्क, ग्लव्स, सेनेटाइजर देने पड़ते हैं, इसके साथ ही मरीजों को भी हम मास्क उपलब्ध करवाते हैं, जबकि इमरजेंसी सर्विस वार्ड में हमारे स्टाफ को PPE किट पहनने के लिए दी जाती है जिसकी एक्स्ट्रा कॉस्टिंग आती है. इसीलिए हम अब इसे अलग से मरीजो से OPD में 100 रुपए और इमरजेंसी वार्ड में 300 रुपए वसूल रहे हैं. कोरोना के वक्त में ये एक्स्ट्रा लागत हॉस्पिटल क्यूं उठाए.  

जब ZEE NEWS ने इस बात की जानकारी फोन पर MBMC के कमिश्नर चंद्रकांत डांगे को दी और इस पर उनका आधिकारिक रिएक्शन मांगा, तो उन्होंने पहले इस बात की सच्चाई जानने की बात कही. इसके काफी देर के बाद जब हमने उन्हें दोबारा कॉल किया तो उन्होंने हमारा कॉल ही नहीं उठाया. जब हम उनसे मिलने भायंदर के उनके आफिस पहुंचे तो उन्होंने व्यस्तता की बात कहकर हमसे मिलने से ही मना कर दिया.  

ऐसे में सवाल ये है कि जब पूरा देश कोरोना से डरा हुआ है, तब क्या देश के हॉस्पिटल इस बात का फायदा लोगों से ज़्यादा कीमत वसूलने के लिए करेंगे! क्या लोगों को इलाज मुहैया करवाने के लिए उठाए गए एहतियात की कीमत भी गरीब, और परेशान मरीज या उनके रिश्तेदारो से वसूली जाएगी. 

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[source_ZEE NEWS]