62 साल के इंजीनियर ने डेढ़ महीने में बनाया वेंटिलेटर, चीन से इंपोर्ट किए वेंटिलेटर से 30% तक मिलेगा सस्ता

  • लुधियाना के मेजर सिंह ने केंद्रीय विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्रालय को मंजूरी के लिए किया अप्लाई
  • वेंटिलेटर, मास्क मेकिंग मशीन बनाने में लगा दी पीएफ और अपनी अन्य सेविंग्स

दैनिक भास्कर

May 25, 2020, 08:01 AM IST

लुधियाना. (वैवस्वत वेकंट) लुधियाना के 62 साल के इंजीनियर और कारोबारी मेजर सिंह ने लॉकडाउन के दौरान एक ऐसा वेंटिलेटर बनाया है जो चीन से आने वाले वेंटिलेटर से 30% सस्ता पड़ेगा। इसके काॅमर्शियल निर्माण के लिए मेजर सिंह ने केंद्रीय विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्रालय से मंजूरी मांगी है।

मेजर ने मास्क बनाने वाली मशीन भी विकसित की है जो चीन  मी मशीन के मुकाबले 42% किफायती है। दरअसल सिविल अस्पताल से पटियाला रेफर हुई महिला की मौत हुई तो लगा कि इतना बड़ा शहर और वेंटीलेटर की कमी। क्या हम बना नहीं सकते। इसके बाद मिशन बनकर लगे और बड़ा डाला।

प्रोजेक्ट पर अब तक 40 लाख से अधिक हो चुके हैं खर्च

फोकल पॉइंट अर्बन एस्टेट निवासी मेजर सिंह ने 1978 में लुधियाना के गुरु नानक इंजीनियरिंग कॉलेज से मैकेनिकल इंजीनियरिंग की। वे यूनाइटेड नेशंस डेवलपमेंट प्रोग्राम के कई प्रोजेक्ट्स से जुड़े रहे और 2017 में जनरल मैनेजर रिटायर हो गए। उन्होंने बताया कि वेंटिलेटर और मास्क मेकिंग मशीन तैयार करने में उनकी 40 लाख रुपए से ज्यादा की सेविंग लग चुकी है।

दो तरह के वेंटिलेटर बनाए

मेजर सिंह ने दो तरह के वेंटिलेटर बनाए हैं। एक अस्पतालों में इंटरनल ऑक्सीजन पाइप फिटिंग के साथ इंस्टॉल हो सकता है। दूसरा- कोरोना मरीजों के लिए स्पेशल सिंगल सिलेंडर और कंप्रेसर वेंटिलेटर। मास्क मैन्यूफैक्चरिंग मशीनों को इसी हफ्ते में बाजार में लॉन्च करने की तैयारी है। 

उम्मीद है, मंजूरी मिलेगी

इंडस्ट्रीज डिपार्टमेंट मेजर के साथ है। केंद्रीय स्तर से जल्द मंजूरी की उम्मीद है। सरकारी तौर पर कुछ भी पेंडिंग नहीं है।
– महेश खन्ना, जनरल मैनेजर, डिस्टिक्ट्र इंडस्ट्री सेंटर, लुधियाना  

मुश्किल समय था। कंपोनेंट्स ढूंढ़ने को लॉकडाउन में निकला। सोचा कि बाबा नानक के घर जाऊंगा तो शर्मिंदा नहीं होऊंगा। 
– मेजर सिंह, एमडी, जेवू सीएनसी मशीन्स 

Source BHASKAR

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