20 साल में पहली बार बठिंडा में तापमान पहुंचा 47.5 डिग्री

लुधियाना में पड़ रही भीषम गर्मी के बीच जाते राहगीर।
– फोटो : LUDHIANA

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मई के आखिर में गर्मी ने तेवर दिखाने शुरू कर दिए हैं। बुधवार को बीस साल में पहली बार तापमान 47.5 डिग्री तक पहुंच गया। इससे पहले 8 जून 2014 को 47.2 डिग्री तापमान दर्ज किया गया। बठिंडा से मौसम विभाग के अधिकारी राजकुमार पाल ने जारी बयान में बताया कि बुधवार को न्यूनतम 25.2 अधिकतम 47.5 डिग्री दर्ज किया गया। आने वाले दिनों में बारिश की संभावना है। जिस कारण गर्मी से लोगों को राहत मिल सकती है। दस जून को धान का सीजन शुरू होने पर किसानों के लिए भीषण गर्मी में फसल लगाना मुश्किल हो जाएगा।
वहीं वहीं दूसरे नंबर पर रहे फरीदकोट में अधिकतम तापमान 46 डिग्री तो न्यूनतम तापमान 25.4 डिग्री रहा। इसी तरह लुधियाना में अधिकतम तापमान 43.2 तो न्यूनतम तापमान 25.4 डिग्री रहा है। हालांकि मंगलवार को फरीदकोट गर्मी में सबसे अधिक थी। लुधियाना से पीएयू मौसम विभाग के डॉक्टर केके गिल ने बताया कि वीरवार शाम से लोगों को कुछ राहत मिलने की उम्मीद है, वेस्टर्न डिस्टरबेंस के चलते कुछ एरिया में बरसात हो सकती है। वही इस दिन धूल भरी आंधियां भी चल सकती है। ऐसे में लोगों को सलाह है कि वह दोपहर 12 बजे से शाम चार बजे तक अपने घरों में रहकर इस लू से बच सकते है।

मई के आखिर में गर्मी ने तेवर दिखाने शुरू कर दिए हैं। बुधवार को बीस साल में पहली बार तापमान 47.5 डिग्री तक पहुंच गया। इससे पहले 8 जून 2014 को 47.2 डिग्री तापमान दर्ज किया गया। बठिंडा से मौसम विभाग के अधिकारी राजकुमार पाल ने जारी बयान में बताया कि बुधवार को न्यूनतम 25.2 अधिकतम 47.5 डिग्री दर्ज किया गया। आने वाले दिनों में बारिश की संभावना है। जिस कारण गर्मी से लोगों को राहत मिल सकती है। दस जून को धान का सीजन शुरू होने पर किसानों के लिए भीषण गर्मी में फसल लगाना मुश्किल हो जाएगा।

वहीं वहीं दूसरे नंबर पर रहे फरीदकोट में अधिकतम तापमान 46 डिग्री तो न्यूनतम तापमान 25.4 डिग्री रहा। इसी तरह लुधियाना में अधिकतम तापमान 43.2 तो न्यूनतम तापमान 25.4 डिग्री रहा है। हालांकि मंगलवार को फरीदकोट गर्मी में सबसे अधिक थी। लुधियाना से पीएयू मौसम विभाग के डॉक्टर केके गिल ने बताया कि वीरवार शाम से लोगों को कुछ राहत मिलने की उम्मीद है, वेस्टर्न डिस्टरबेंस के चलते कुछ एरिया में बरसात हो सकती है। वही इस दिन धूल भरी आंधियां भी चल सकती है। ऐसे में लोगों को सलाह है कि वह दोपहर 12 बजे से शाम चार बजे तक अपने घरों में रहकर इस लू से बच सकते है।

Source AMAR UJALA

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