सीजन में पहली बार 42.20 पहुंचा तापमान, अब 31 तक झुलसाएगी लू

  • पश्चिम राजस्थान की गर्म हवाओं से लू के थपेड़े, आज हल्के बादल छाएंगे, फिर और बढ़ेगी गर्मी

दैनिक भास्कर

May 23, 2020, 05:53 AM IST

लुधियाना. मई के आखिर में आसमान से आग बरसनी शुरू हो गई है। इस सीजन में अब तक गर्मी से राहत ही थी। पर अब तो सुबह 8 बजे से ही सूरज ने अपना तेज महसूस कराने लगता है। वहीं, वेस्ट राजस्थान की गर्म हवाएं भी झुलसाने लगी हैं। इनके कारण लू चल रही है। शुक्रवार को अधिकतम पारा में 3 डिग्री का उछाल दर्ज किया गया। 42.2 डिग्री रिकॉर्ड किया गया। इस सीजन का यह अब तक का सबसे गर्म दिन रहा। मौसम महकमे की चेतावनी है कि अगले 31 मई तक ऐसे ही लू झुलसाएगी।

पीएयू की मौसम माहिर डॉ. केके गिल के अनुसार शनिवार को आंशिक बादल छाने से तापमान 40 डिग्री के आसपास रहेगा। रविवार को फिर से पारा बढ़ेगा। अधिकतम तापमान 43 से 44 डिग्री तक रिकॉर्ड होने के आसार हैं। 25 मई में नौतपा भी शुरू होगा। यानी साल के वो 9 दिन जब गर्मी अपने चरम पर होती है।

पहली बार पूरा अप्रैल और मई के 21 दिन रहे तपिश से राहत भरे

बता दें कि अप्रैल महीने से ही गर्मी की शुरूआत हो जाती है और अक्सर ये हुआ है कि अप्रैल में ही अधिकतम पारा 40 डिग्री को छू जाता है। लेकिन ऐसा पहली बार हुआ है कि पूरा अप्रैल महीना भीषण गर्मी से राहत भरा निकल गया, एक दिन भी अधिकतम तापमान 40 डिग्री रिकार्ड नहीं हुआ। जबकि सामान्य एवरेज तापमान भी 32-33 डिग्री ही रिकार्ड हुआ। इसी तरह मई में भी अधिकतम तापमान ने रिकार्ड तोड़ा है। इस बार लगातार पूरे 21 दिन अधिकतम तापमान 40 डिग्री से नीचे रहा, जो पहले कभी नहीं हुआ। जबकि पिछले 21  दिनों में अधिकतम तापमान 31 से लेकर 39 डिग्री के बीच ही रिकार्ड हुआ है।

इस बार सामान्य से अधिक बारिश से कम बढ़ा पारा 

मौसम माहिर के मुताबिक ऑल टाइम रिकॉर्ड के मुताबिक 23 साल बाद मई के दूसरे हफ्ते में ही सामान्य से ज्यादा बारिश रिकॉर्ड हुई। इससे पहले सामान्य से ज्यादा बारिश 1997 में हुई थी। वहीं, इस बार अप्रैल से मई मध्य तक लगातार बने वेदर सिस्टम के कारण इसमें तापमान में उतार-चढ़ाव आया। हर हफ्ते बाद होने वाली बारिश के चलते हवा में नमी काफी रही और अधिकतम पारा नहीं बढ़ पाया, लेकिन अब तापमान बढ़ना शुरू हो चुका है, जो आगे और बढ़ेगा। 

नौतपा…साल के 9 दिन जब सूर्य किरणें सीधी पड़ती हैं

नौतपा यानी इन दिनों सूर्य का रोहिणी नक्षत्र में प्रवेश होने से उसकी किरणें धरती पर सीधी पड़ती हैं। इस दौरान भयानक गर्मी पड़ती है। पंचांग के अनुसार 11 मई से ज्येष्ठ माह शुरू होने के बाद और 9 जून तक रहेगा। मान्यता है कि नौतपा के 9 दिनों में बारिश न हो तो उस साल मानसून बहुत अच्छा होता है। उधर, माहिरों के मुताबिक लोग ज्यादातर धूप से बचें। पानी लस्सी, नींबू पानी का इस्तेमाल ज्यादा करें। धूप से एनर्जी कम होने लगती है। इसे बनाएं रखने को ज्यादा से ज्यादा पानी पिएं।

Source BHASKAR

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