ससुराल वाले इलाज नहीं करा रहे थे, खुद काम करने लगी तो चरित्र पर कीचड़ उछालना शुरू कर दिया: तेल डाल लगाई आग

  • लुधियाना के सलेम टाबरी स्थित मोहल्ला पीरू बंदा की गली नंबर 1 निवासी अमृता के रूप में हुई घायल महिला की पहचान
  • आरोप-कबाड़ का काम करने वाला पति शंकर न घर में खर्च देता और न ही पेट के छालों का इलाज कराता

दैनिक भास्कर

Jun 02, 2020, 06:59 PM IST

लुधियाना. लुधियाना में एक विवाहिता ने खुद पर मिट्टी का तेल डालकर आग लगा ली। मरने की कोशिश में यह महिला 80 प्रतिशत झुलसी हुई है और अस्पताल में भर्ती है। बताया जाता है कि वह पति और सास के तानों से तंग आ चुकी है और इसी के चलते उसने यह कदम उठाया है। इस घटना के बाद पुलिस ने पति और सास को गिरफ्तार कर मंगलवार को कोर्ट में पेश किया। वहां से दोनों को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है।
आरोपियों की पहचान सलेम टाबरी के मोहल्ला पीरू बंदा की गली नंबर 1 निवासी शंकर और उसकी मां लक्ष्मी के रूप में हुई है। पुलिस ने पीड़िता अमृता की शिकायत पर उनके खिलाफ केस दर्ज किया। अपने बयान में उसने बताया कि 5 साल पहले उसकी आरोपी के साथ शादी हुई थी। दोनों के दो बच्चे हैं। वो काफी समय से बीमार है। उसके पेट में छाले हैं। कबाड़ का काम करने वाला उसका पति घर में कोई खर्च नहीं देता और न ही उसका इलाज कराता है। उसने बाहर काम करना शुरू कर दिया तो पति और सास ने उस पर तरह-तरह के इलजाम लगाना शुरू कर दिया। इससे तंग आकर सोमवार को उसने अंदर कमरे में जाकर कुंडी लगाई और खुद पर तेल डालकर आग लगा दी।
थाना सलेम टाबरी के प्रभारी गोपाल कृष्ण ने बताया कि घटना के समय आरोपी शंकर घर के बाहर ही था। उनके घर की छत टिन की है। जब कमरे से अमृता के चिल्लाने की आवाजें आई तो वो छत की टिन उखाड़कर कमरे में कूदा और उसे बाहर लेकर आया। उसके बाद अमृता को अस्पताल में भर्ती कराया गया। वहां ड्यूटी मैजिस्ट्रेट के समक्ष दिए बयान में पीड़िता ने अपने पति व सास पर प्रताड़ित करने के आरोप लगाए।

Source BHASKAR

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