व्हीलचेयर पर लोगों पाई-पाई मांगकर गुजर कर रहे राजू ने बांटे 3 हजार मास्क, 100 परिवारों को दिया राशन

  • प्रधानंत्री नरेंद्र मोदी ने मन की बात कार्यक्रम में की पठानकोट के भीख मांगकर गुजारा कर रहे दिव्यांग राजू की तारीफ

दैनिक भास्कर

May 31, 2020, 04:49 PM IST

पठानकोट. कोरोना वायरस के संक्रमण से देश-दुनिया में खौफ का माहौल है। लोग तरह-तरह की समस्याओं से जूझ रहे हैं, लेकिन कुछ लोग ऐसे भी हैं, जो अपनी सामर्थ्य की सीमा को लांघकर दूसरों की मदद के लिए आगे आ रहे हैं। इन्हीं में से एक नाम राजू का भी है। पठानकोट का राजू आर्थिक रूप से बेहद कमजोर है। भीख मांगकर गुजारा करता है। बावजूद इसके राजू जरूरतमंदों की मदद के लिए आगे आ रहा है। दिव्यांग राजू ने दूसरों की मदद से जोड़ी गई छोटी सी पूंजी से 3000 से अधिक मास्क बनवाकर लोगों में बांटे और 100 परिवारों के लिए राशन जुटाया। रविवार को खुद प्रधानमंत्री नरेंद्र भी खास कार्यक्रम मन की बात में उसकी तारीफ करते सुने गए।
राजू बचपन से ही दिव्यांग है। उसके माता-पिता की बचपन में ही मौत हो गई थी। तीन भाई और तीन बहनें हैं, पर दिव्यांग होने की वजह से उन्होंने 30 साल पहले राजू को बेसहारा छोड़ दिया था। सड़क पर भीख मांगने के अलावा जीने को कोई जरिया न था। नियति को स्वीकर कर राजू ने भीख मांगना शुरू कर दिया। 
पठानकोट में अधिकांश लोग राजू को जानते हैं। उसका अंदाज ही कुछ ऐसा है कि जो एक बार देख ले उसे भूल नहीं पाता। दरअसल्र, शहर के चौक-चौराहों पर भीख मांगकर जीवन बसर कर रहा राजू चलने-फिरने में असमर्थ है। कभी रेंगते हुए तो कभी व्हीलचेयर पर देखा जा सकता है। कपड़े भी मैले-कुचैले होते हैं, लेकिन उसके दूसरे चेहरे की बात की जाए तो लोगों को जब उसके नेक कामों के बारे में पता चलता है तो भीख देने के लिए बढ़े हाथ सलाम के लिए भी उठ खड़े होते हैं। वह भीख से जमा पैसों को नेक काम में लगा देता है। 
बीते दिनों पठानकोट की ढांगू रोड स्थित एक पुलिया टूट गई थी। यहां कई लोग हादसे का शिकार हो गए। राजू भी यहां हादसे का शिकार हुआ। सरकारी महकमा पुल को ठीक करने के लिए कदम नहीं बढ़ा पाया तो राजू ने खुद मिस्त्री बुलाकर पुलिया की मरम्मत करवाई।
राजू अब तक कई बेसहारा लोगों को सहारा दे चुका है। जिन्हें राजू के कार्यों के बारे में पता है वह उसे दिल खोलकर दान देते हैं। राजू भी इनका दुरुपयोग नहीं करता। वह इन पैसों से जरूरतमंद परिवारों की हरसंभव सहायता करता है। महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए हर साल कुछ सिलाई मशीनें उपलब्ध कराता है। कुछ बच्चों की फीस का खर्च उठाता है। कॉपी-किताब के लिए मदद करता है। कोरोना वायरस संक्रमण काल में भी राजू मदद के हाथ बढ़ा रहा है।

Source BHASKAR

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