विरोध के बाद अमृतसर की पूरी होलसेल कपड़ा मार्केट खुली, जालंधर में सब्जी मंडी में जुटी भीड़

  • सूबे में कोरोना वायरस से संक्रमित लोगों की संख्या 2500 तो मौतों का आंकड़ा भी बढ़कर 52 हो चुका
  • 190 से 240 रुपए तक मीट बिक रहा है, सामान्य हालात में 15 रुपए में मिलने वाले चूचे की कीमत 44 रुपए पहुंची

दैनिक भास्कर

Jun 04, 2020, 12:28 PM IST

जालंधर. पंजाब में कोरोना संक्रमण से निपटने के लिए लॉकडाउन-5 या राहत दिए जाने के चलते अनलॉक-1 कहिए, इसका असर एक साफ दिखाई दे रहा है। एक बार फिर बाजारों में भीड़ जुटने लगी है। साथ ही प्रशासन सख्ती बरत रहा है और यह समझाने की कोशिश कर रहा है कि अगर इसी तरह नियमों की अनदेखी होती रही तो एक बार फिर फिर से कर्फ्यू की नौबत आ सकती है। इसी बीच सूबे में कोरोना संक्रमितों की संख्या 2500 हो गई है। साथ ही मौतों का आंकड़ा भी बढ़ता ही जा रहा है। बीते दिन जालंधर के एक बुजुर्ग के दम तोड़ देने के बाद अब राज्य में कोरोना संक्रमण से मरने वालों की गिनती 52 हो गई है।

अमृतसर के तहसील कॉम्पलेक्स में अपनी समस्याएं लेकर पहुंचे लोग।

बीते दिन कारोबारियों ने दुकानें बंद कर प्रशासन के खिलाफ प्रदर्शन किया था
अमृतसर की होलसेल कपड़ा मार्केट गुरुवार को सुबह 7 बजे पूरी तरह खुल गई है। यहां आज से शाम 6 बजे तक ए,बी, व सी वर्ग या बड़े बाजारों के दाएं-बाएं हिस्से की भी सभी दुकानें खुलेंगी। फेडरेशन ऑफ फॉर सेल क्लॉथ मार्केट एसोसिएशन के प्रधान मोती भाटिया ने बताया कि कैबिनेट मंत्री ओपी सोनी, पुलिस कमिश्नर व अन्य अधिकारियों से हुई बातचीत के बाद यह फैसला लिया गया है। इस मुद्दे को लेकर बीते दिन कपड़ा कारोबारियों ने दुकानें बंद कर प्रशासन के खिलाफ प्रदर्शन किया था। इसके अलावा अमृतसर के सेवा केंद्रों में खासी भीड़ देखी जा सकती है। यहां सोशल डिस्टेंसिंग के नियम का उल्लंघन भी हो रहा है। तहसील कार्यालय के बाहर तो माहौल फिर भी कुछ हद तक ठीक होती है, लेकिन अंदर प्रशासन की अपील भी नाकाम हो जाती है।

जालंधर की मकसूदां स्थित सब्जी मंडी में भीड़ को तितर-बितर करने की जुगत में पुलिस कर्मचारी।

लगातार चिंता बनती जा रही है मकसूदां की सब्जी मंडी में जुटने वाली भीड़
जालंधर की मकसूदां सब्जी मंडी में फिर से भीड़ उमड़ने लगी है। कर्फ्यू के दौरान भी यह मंडी जिला प्रशासन के लिए चुनौती बनी रही है। यहां तक कि प्रशासन को कुछ आढ़तियों के लाइसेंस रद्द कर सीधे किसान मंडी लगाने तक की चेतावनी देनी पड़ी। इसके बाद प्रतापपुरा में दूसरी मंडी भी खोल दी गई, लेकिन इसके बावजूद मकसूदां सब्जी मंडी में भीड़ रुकने का नाम नहीं ले रही। अब चूंकि कर्फ्यू हट जाने के बाद प्रशासन ने मकसूदा सब्जी मंडी से अपना पूरा ध्यान हटा लिया है, जिससे किसी भी वक्त यहां पर कोरोना संक्रमण का विस्फोट हो सकता है। आज फिर यहां पुलिस को भीड़ को तितर-बितर करने के लिए खासी मशक्कत करनी पड़ी। उधर, जालंधर बैडमिंटन एसोसिएशन की ओर से 3 जून को हंसराज बैडमिंटन स्टेडियम खिलाड़ियों के लिए खोल दिया गया है। यहां हर तरह की सावधानी बरती जा रही है।

पुलिस थानों और दूसरे दफ्तरों में ऑनलाइन होगा सभी शिकायतों का निपटारा
लुधियाना में पुलिस ने अपनी कार्यप्रणाली में व्यापक बदलाव किया है। पुलिस के साथ ही अब कई सरकारी विभागों ने भी अपने कामकाज के तरीकों को तकनीकि रूप देना शुरू कर दिया है। इन बदलावों में सबसे महत्वपूर्ण भूमिका इलेक्ट्रॉनिक, सफाई-सैनिटाइजेशन उपकरणों और कंटैक्टलैस वर्किंग के तौर तरीके आदि शामिल हैं। पुलिस समेत सिविल प्रशासन और सेहत विभाग के बहुत से काम ऑनलाइन हो गए हैं। सबसे बड़ा बदलाव पुलिस प्रशासन में हुआ है। इसके लिए अब थानों और कार्यालयों में धक्के नहीं खाने पड़ेंगे। ऑनलाइन शिकायतें लेने के साथ-साथ पुलिस विभाग से मिलने वाली ज्यादातर सुविधाएं ऑनलाइन मिलने लगेंगी।

सेवामुक्त किए जाने से नाराज कोविड सेंटर के 25 कर्मचारियों ने मांगा काम
तरनतारन में सरकार के आदेश पर स्वास्थ्य विभाग ने कोविड केयर सेंटर को बंद कर स्टाफ को घर भेज दिया है। सिविल सर्जन कार्यालय द्वारा सेवामुक्ति के पत्र में 25 कर्मचारी शामिल हैं। इन कर्मियों ने कहा कि जिले में कोरोना के अभी चार केस हैं। बहुत सारे लोग क्वारैंटाइन केंद्रों में हैं। ऐसे में स्टाफ की कमी से सेहत विभाग जूझ रहा है। सरकार को चाहिए कि बिना वेतन भत्ता दिए उनको सेवामुक्त करने की बजाय रुतबे के मुताबिक सरकारी अदारों में नौकरी दी जाए। वो फ्रंट लाइन में काम करते रहे हैं।

कोटकपूरा में एसडीएम मेजर अमित सरीन के नेतृत्व वाली टीम दुकानदारों को लॉकडाउन का पालन करने के लिए जागरूक करती हुई।

प्रशासन की टीम ने कहा-अगर नियम नहीं माने तो आ सकती है फिर से कर्फ्यू की नौबत
फरीदकोट जिले के कोटकपूरा शहर में एसडीएम मेजर अमित सरीन के नेतृत्व वाली टीम ने एक-एक दुकान पर जाकर दुकानदारों की क्लास लगाई। इस दौरान बताया कि तालाबंदी और क‌र्फ्यू हटाने का मतलब यह न समझा जाए कि कोरोना का संकट टल गया है। यह समझना जरूरी है कि यदि दुकानदारों और आम लोगों ने प्रशाशन के आदेश का पालन न किया तो दोबारा फिर क‌र्फ्यू जैसी नौबत आ सकती है।
दूसरी ओर जिम एसोसिएशन के शिष्टमंडल ने संदीप नरूला की अगुवाई में प्रधानमंत्री के नाम ज्ञापन देकर जिम खुलवाने की मांग की है। इनका कहना था कि करीब दो महीने से जिम बंद पड़े हैं। किराये की बिल्डिग में चल रहे जिम की बिल्डिग का किराया भी बढ़ता ही जा रहा है। ऐसे में उनके बड़ी समस्या खड़ी हो गई है। सरकार ने अनलॉक-1 में कई रियायत दी हैं। जिम को भी जल्द से जल्द खुलवाए जाएं।

मीट मार्केट पर भी पड़ा पाबंदियों का असर, 6 गुणा तक बढ़ी कीमतें
पाबंदियों के चलते मीट के दाम आसमान को छू रहे हैं। बाजार में खरीददार कम ही हैं। गुरदासपुर के काहनूवान में चिकन की दुकान चलाने वाले कर्ण ने बताया कि क‌र्फ्यू के दौरान अंदर खाते मार्केट में मुर्गे का मीट 20 से 40 रुपए किलो बिक रहा था, मगर अब अनलॉक होने से मीट के दाम बढ़ गए हैं। उन्होंने बताया कि 190 से 240 रुपये तक मीट बिक रहा है। इसे खरीदने के लिए कोई भी ग्राहक नहीं आ रहा है। उधर, एक पोल्ट्री शैड के मालिक का कहना है कि सामान्य हालात में 15 रुपए में मिलने वाले चूचे की कीमत 44 रुपए तक पहुंच गई है। 70 फीसदी पोल्ट्री फार्मों में मुर्गा न होने से मीट की कीमतें बढ़ी है।

Source BHASKAR

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