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लापरवाही बरतने वाले 22 ईटीओ और 73 एक्साइज इंस्पेक्टर्स का एक दिन में तबादला

  • शराब घोटाले पर घिरी पंजाब सरकार ने की बड़ी कार्रवाई
  • ओडिसा व छत्तीसगढ़ भेजी जाने वाली शराब के रिकाॅर्ड की भी होगी जांच

दैनिक भास्कर

May 24, 2020, 05:44 AM IST

चंडीगढ़. पंजाब में पिछले कई दिनों से उठ रहे शराब घोटाले के सवालों में घिरी सरकार ने कार्रवाई करते हुए अपने ड्यूटी में लापरवाही बरतने वाले 22 एक्साइज एंड टैक्सेशन ऑफिसर्स (ईटीओ) और 73 एक्साइज एंड टैक्सेशन इंस्पेक्टर्स का तबादला कर दिया है। आबकारी विभाग सीएम कैप्टन अमरिंदर सिंह के पास है।

एक्साइज विभाग की ओर से  सूबे की कुछ डिस्टिलरीज द्वारा तय लिमिट से अधिक शराब की बाेतलों की प्रोडक्शन किए जाने की भी जांच की जा रही है। इसका सरकार को कोई रेवेन्यू नहीं मिल पाया है, न ही इसका रिकॉर्ड मेंटेन है। विभाग से हासिल जानकारी के मुताबिक पंजाब में डिस्टलरीज के लिए 1.80 लाख बोतलों के उत्पादन का कोटा तय है, जांच में पता चला है कि पंजाब की डिस्टलरीज ने इससे बाहर जाकर उत्पादन किया है और उस शराब को प्रदेश से बाहर भेजा है।

एक पेटी शराब पर सरकार को मिलता है 300 रुपए टैक्स

डिस्टिलरीज द्वारा निर्मित शराब की 12 बोतलों की एक पेटी पर सरकार को 300 रुपए टैक्स मिलता है, इस आधार पर तय कोटे 1 करोड़ 80 लाख पेटी पर करोड़ों के हिसाब से सरकार को टैक्स प्राप्त होता है। जानकारी के अनुसार विभिन्न डिस्टलरीज द्वारा देसी शराब बनाने के रिकाॅर्ड की भी जांच जा रही है। ओडिशा व छत्तीसगढ़ को शराब भेजने के आर्डर को खंगाला जा रहा है। विभाग यह भी जांच कर रहा है कि जो आर्डर दिया गया था, उन्हें भेजा गया है या पंजाब में ही गैर कानूनी ढंग बेच दिया गया।

सीबीआई से हो जांच : मजीठिया
पंजाब में बड़े स्तर पर शराब घोटाला हुआ है। इसलिए सरकार को लगातार नुकसान हो रहा है और जनता के विभिन्न विकास कार्यों पर प्रभाव पड़ रहा है। पूर्व में कांग्रेस शिअद पर मिलीभगत का आरोप लगाती रही है। अब सरकार को शराब घोटाले सीबीआई या स्वतंत्र एजेंसी से जांच करानी चाहिए। -बिक्रम सिंह मजीठिया, शिरोमणि अकाली दल

एजुकेशन प्रोवाइडर, ईजीएस, एआईई  एसटीआर स्वयंसेवकों का कहीं भी हो सकेगा तबादला

पंजाब सरकार ने एजुकेशन प्रोवाइडर, ईजीएस, एआईई , एसटीआर स्वयंसेवकों के लिए तबादला नीति जारी कर दी है। यह नीति एसएसए, डीजीएसई के अधीन काम कर रहे सभी ऐजुकेशन प्रोवाइडर, ईजीएस, एआईई, एसटीआर स्वयंसेवकों पर लागू होगी। यह नीति शैक्षणिक सत्र 2020-21 से लागू होगी। इनका प्रशासनिक आधार पर किसी भी समय राज्य में कहीं भी स्थानांतरित किए जा सकते हैं। सभी सरकारी विद्यालयों के अध्यापकों के स्थानांतरण के उद्देश्य से पांच क्षेत्रों में वर्गीकृत किया गया है।

आम तबादले साल में केवल एक ही बार किए जाएंगे। प्रतिकूल पीटीआर और अनुशासनात्मक मामलों में साल के दौरान किसी भी समय सरकार द्वारा स्थानांतरित किए जा सकते हैं। योग्य ऐजुकेशन प्रोवाइडर, ईजीएस, एआईई, एसटीआर स्वयंसेवक हर साल 15 जनवरी से 15 फरवरी तक अपने मनपसंद स्कूलों का चयन ऑनलाइन जमा करेंगे। स्थानांतरण के आदेश हर साल मार्च के दूसरे हफ्ते में जारी किए जाएंगे और अप्रैल के पहले हफ्ते में ज्वाइन करना होगा।

Source BHASKAR