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रेलवे का बड़ा ऐलान, श्रमिकों ट्रेनों के संचालन के लिए राज्यों की सहमति जरूरी नहीं

नई दिल्ली: देश चौथे लॉकडाउन (Lockdown) के बीच अब प्रवासी मजदूरों की घर वापसी को लेकर गृह मंत्रालय ने नई गाइडलाइंस जारी की है. गृह मंत्रालय के इन दिशा निर्देशों का ध्यान श्रमिक ट्रेनों के संचालन के वक्त रखना होगा.

गृह मंत्रालय ने कहा है कि श्रमिक ट्रेनों का संचालन रेल मंत्रालय करेगा, लेकिन इसके लिए केंद्रीय गृह मंत्रालय से चर्चा करनी होगी. वहीं सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को नोडल अधिकारियों की नियुक्ति करनी होगी, जो मजदूरों के आने-जाने की व्यवस्था देखेंगे.

रेलवे के मुताबिक, गृह मंत्रालय ने जो नए तरीके से एसओपी जारी की है. उनके मुताबिक, अब यह जरूरी नहीं है कि जिस राज्य में लोगों को जाना है उस राज्य की परमिशन जरूरी हो.

यानी सीधे तौर पर कहें तो अब रेलवे सीधे उस राज्य में लोगों को लेकर जा सकता है जहां श्रमिकों को जाना है.

रेलवे के प्रवक्ता राजेश वाजपेयी ने कहा कि जिस राज्य में श्रमिकों को जाना है ट्रेनों को चलाने के लिए उन राज्यों की सहमति की जरूरत नहीं होगी.

इससे पहले रेल मंत्री पीयूष गोयल ने कहा था कि पश्चिम बंगाल, झारखंड और छत्तीसगढ़ सरकार इन ट्रेनों को स्वीकृति देने में ढीलाई और सुस्ती दिखा रही हैं. इसके बाद राजनीतिक हंगामा भी हुआ.

1 मई से रेलवे ने प्रवासी मजदूरों के लिए 1,565 ट्रेनें चलाई हैं और 20 लाख लोगों को अब तक घर पहुंचाया गया है.

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