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मुंबई: IPS अमिताभ गुप्ता की दोबारा पोस्टिंग पर पूर्व सीएम ने उठाए सवाल, की CBI जांच की मांग

मुंबई: महाराष्ट्र के गृहसचिव को क्लीन चिट और दोबारा ताजपोशी पर प्रदेश में राजनीतिक तूफान खड़ा हो गया है. महाराष्ट्र के पूर्व सीएम देवेंद्र फडणवीस ने आईपीएस अमिताभ गुप्ता को वापस ड्यूटी पर लाने और गृहविभाग में तैनाती के उद्धव ठाकरे सरकार के फैसले पर ऐतराज जताया है.

गृहसचिव अमिताभ गुप्ता के ड्यूटी ज्वाइन करने पर फडणवीस ने महाराष्ट्र सरकार को घेरते हुए आरोप लगाया है कि सरकार में वाधवान्स का कोई आका बैठा हुआ है, जिसके इशारे पर वीआईपी कांड हुआ और उसी के दबाव में आनन फानन में जांच कराकर क्लीन चिट भी दिलाई गई और अब गृहसचिव की वापस दोबारा ताजपोशी भी कर दी गई है.

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पूर्व मुख्यमंत्री फडणवीस ने इस पूरे मामले की तहतक जाने के लिए सीबीआई जांच की मांग की है. दरअसल लॉकडाउन में वाधवान को सिफारिशी पत्र सौंपने वाले आईपीएस अमिताभ गुप्ता छुट्टी से कामपर लौट आए हैं और इसी बात को लेकर विपक्षी दल सरकार पर हमलावर है.
 
महाराष्ट्र सरकार में गृह सचिव अमिताभ गुप्ता ने कपिल और धीरज वाधवान सहित 23 लोगों को लॉकडाउन में सैर की चिठ्ठी दी थी, और इसलिए गुप्ता को सरकार ने अनिवार्य रूप से छुट्टी पर भेजा था. वाधवान को लॉकडाउन के दौरान महाबलेश्वर जाने की अनुमति के बाद ही अमिताभ को छुट्टी पर भेज दिया गया था.

महाराष्ट्र सरकार मे अतिरिक्त मुख्य वित्त आयुक्त मनोज सौनिक ने कुछ दिन पहले गृह मंत्री अनिल देशमुख को एक जांच रिपोर्ट सौंपी थी. गुप्ता ने जांच समिति के समक्ष स्वीकार किया था कि उन्होंने वाधवान बंधुओं को पत्र केवल मानवता के आधार पर दिया था. ना कि किसी की सिफारिश पर चिठ्ठी दी गई थी.

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आईपीएस अफसर अमिताभ गुप्ता को मामले में क्लीन चिट दी गई थी और उन्हें आगाह किया गया था कि भविष्य में ऐसी घटनाओं को दोहराया नहीं जाना चाहिए. बता दें कि लॉकडाउन के नियमों को तोड़ते हुए, गृह विभाग के प्रधान सचिव (विशेष) अमिताभ गुप्ता ने 8 अप्रैल को कपिल वाधवान और उनके परिवार को महाबलेश्वर की यात्रा करने के लिए एक सिफारिश पत्र जारी किया था. 

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