महंत को गद्दी से उतारने के लिए परिचित महिलाओं को दुष्कर्म का आरोप लगाने के लिए उकसाया, नहीं मानी तो बच्चे उठा लिए

  • साजिशकर्ता सेवादार तीर्थ सिंह जोगा सिंह नामक एक साथी के साथ गिरफ्तार, महिलाओं को दिए गए 5 लाख रुपए भी बरामद
  • एसएसपी बोले-दुष्कर्म का आरोप लगाने वाली महिलाएं नहीं पाई पुलिस के सवालों का जवाब, मेडिकल चेकअप में भी नहीं हुई पुष्टि

दैनिक भास्कर

May 29, 2020, 04:04 PM IST

अमृतसर. अमृतसर के श्रीराम तीर्थ मंदिर की सराय में महंतों द्वारा सामूहिक दुष्कर्म का मामला साजिश का हिस्सा निकला। पुलिस ने साजिश के आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। बताया जाता है कि एक सेवादार ने एक अन्य व्यक्ति और कुछ महिलाओं के साथ मिलकर महंत को गद्दी से उतारने के लिए यह सारा ड्रामा खड़ा किया था। जांच में सब साफ हो गया। न तो मेडिकल चेकअप में महिलाओं से दुष्कर्म की पुष्टि हुई है और साथ ही पुलिस पूछताछ में आरोपियों ने इस साजिश को कबूल भी कर लिया। पुलिस ने 5 लाख रुपए भी बरामद कर लिए हैं, जो झूठे आरोप लगाने के लिए दिए गए थे।
एसएसपी विक्रमजीत सिंह दुग्गल ने बताया कि 19 मई को पुलिस के संज्ञान में श्रीराम तीर्थ में पूजा करने गई दो महिलाओं साथ चार महंतों के द्वारा सामूहिक दुष्कर्म की बात शिकायत आई थी। इसकी जांच के लिए उन्होंने एसपी अमनदीप कौर की अगुआई में एसआईटी गठित की थी। जांच में सामने आया कि महंत प्रगट नाथ का सेवादार तीर्थ सिंह डेरा गुरु ज्ञान नाथ पर काबिज महंत गिरधारी नाथ, रविंद्र नाथ, नछत्तर नाथ और सूरज नाथ को वहां से बेइज्जत करके हटाना चाहता था। 
तीर्थ सिंह गुरदासपुर की दो महिलाओं (कथित पीड़ित) को पहले से जानता था। उसने महिलाओं पर दबाव बनाया कि वह डेरा गुरु ज्ञान नाथ में जाएं और वहां बैठे चारों महंतों पर दुष्कर्म का आरोप लगा दें। महिलाएं इसके लिए राजी नहीं हुई तो तीर्थ सिंह ने अपने साथियों के साथ मिलकर महिलाओं के बच्चों का अपहरण कर लिया। बच्चों को जान से मारने की धमकी देकर दोनों पर मंदिर जाने का दबाव बनाया गया। 
इसके बाद 18 मई को दोनों महिलाएं मंदिर पहुंचीं और उन्होंने दुष्कर्म की झूठी कहानी पुलिस को बता दी। अब पुलिस दुष्कर्म के मामले को खारिज करवाने की तैयारी कर रही है। मामले में महंत गिरधारी नाथ और महंत रवींद्र नाथ फतेहपुर जेल में बंद हैं। मामले का पर्दाफाश होते ही पुलिस ने महिलाओं के अपहृत बच्चों को बरामद कर लिया है। पुलिस ने कोहाली निवासी तीर्थ सिंह, गोपाल सिंह, जोगा सिंह, तरसेम सिंह, विक्की, सुखविंदर सिंह व मेघनाथ के खिलाफ अपहरण, साजिश रचने के अलावा कई अन्य धाराओं में केस दर्ज कर लिया है।
पुलिस के मुताबिक मेडिकल रिपोर्ट में महिलाओं के साथ दुष्कर्म की पुष्टि नहीं हुई थी। सामूहिक दुष्कर्म के मामले में पुलिस के कई सवालों के जवाब महिलाएं नहीं दे पाई। महिलाएं जिन तारीखों में मंदिर आने का जिक्र कर रही थी, मोबाइल कॉल लोकेशन कुछ और ही बता रही थी।

Source BHASKAR

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