मरकज मामले में पहली चार्जशीट दाखिल, 82 विदेशी जमातियों को बनाया गया आरोपी

नई दिल्ली: आज दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने 82 विदेशी जमातियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की है. ये 82 अलग-अलग 20 देशों के हैं. सबके लिए अलग चार्जशीट है, कुल 20 इंडिविजुअल चार्जशीट दाखिल की गई है देश के हिसाब से, कुल 943 के करीब विदेशी जमाती हैं. अलग अलग 34 देशों के, इन सभी को आरोपी बनाया गया है. इन सबके खिलाफ चार्जशीट दाखिल की जाएगी.

चार्जशीट में मरकज मैनेजमेंट के रोल का जिक्र
तीन अलग-अलग धाराओं में चार्जशीट दाखिल हुई है, 14 फॉरेनर एक्ट, अपेडिमिक डिजीज एक्ट और डिजास्टर एक्ट के तहत. चार्जशीट में मरकज मैनेजमेंट के रोल का जिक्र भी किया गया है. मौलाना साद के नाम का भी जिक्र है.

मौलाना साद की मुश्किलें बढ़ेंगी
इस चार्जशीट से मौलाना साद की मुश्किलें बढ़ेंगी क्योंकि जिन विदेशी जमातियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल हो रही है, उन सभी के वीजा फॉर्म में मरकज निजामुद्दीन का पता दिया हुआ था, मतलब वो विदेश से मरकज जमात में ही शामिल होने आए थे. पूछताछ में जमातियों ने खुलासा भी किया है कि 20 मार्च के बाद मरकज में रुकने के लिए मौलाना साद ने ही कहा था.

943 विदेशी जमातियों से पूछताछ
सभी विदेशी जमातियों को पहले 41 का नोटिस देकर जांच में शामिल करवाया गया था पूछताछ की गई थी. 943 विदेशी जमातियों से पूछताछ हुई थी सभी के खिलाफ चार्जशीट दाखिल होगी. फिलहाल 20 देशों के 82 विदेशी जमातियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल हुई है. क्राइम ब्रांच के मुताबिक, हर देश के विदेशी जमातियों के खिलाफ इंडिविजुअल चार्जशीट दाखिल होगी.

डीसीपी क्राइम ब्रांच को  लिखित शिकायत 
दिल्ली पुलिस ने अदालत में स्टेटस रिपोर्ट दाखिल की जिसमें उसने मरकज से जुड़ी अपनी जांच के बारे में अदालत को बताया. क्राइम ब्रांच के मुताबिक 31 मार्च 2020 को, SHO हजरत निजामुद्दीन पुलिस स्टेशन ने डीसीपी क्राइम ब्रांच को एक लिखित शिकायत दी, जिसमें उन्होंने कहा था कि कोविड 19 महामारी की रोकथाम के लिए सरकार ने 12 मार्च को 2020 को जो गाइडलाइन जारी की थी कि कोई भी व्यक्ति, संस्था, संगठन के किसी भी प्रावधान का उल्लंघन करते हुए पाया गया तो वो दंडनीय अपराध माना जाएगा.

21 मार्च 2020 को तबलीगी में मरकज के अधिकारी से दिल्ली पुलिस द्वारा संपर्क किया गया था. इसमें एक मुफ्ती शहजाद के प्रसार से उत्पन्न स्थिति से अवगत कराया गया, COVID-19 और रोकथाम के लिए तत्काल कार्रवाई करने के लिए कहा गया था, विदेशी जमातियों को विदेश भेजने के लिए कहा गया था, लेकिन जमातियों ने आदेश का पालन नहीं किया, जिसके बाद 21 मार्च को एक ऑडियो रिकॉर्डिंग वाट्सएप्प के जरिये प्रसारित की गई, जिसमें मौलाना साद जमातियों को मरकज में ही रहने को बोल रहे थे. 21 मार्च 2020 को व्हाट्सएप पर प्रचलन में पाया गया, जिसमें संचलन स्पीकर को अपने अनुयायियों को लॉकडाउन का पालन न करने और सोशल डिस्टेंसिंग का पालन न करने का कहते सुना गया.

लापरवाही और दुर्भावनापूर्ण तरीके से निर्देशों का उल्लंघन
तबलीगी जमात मरकज में मौलाना साद समेत काफी सदस्यों ने भाग लिया. हालांकि, मौलाना साद और मरकज प्रबंधन ने आदेश दिया कि किसी भी स्वास्थ्य विभाग या अन्य सरकारी एजेंसी को मरकज के अंदर हो रही विशाल सभा के बारे में सूचित न करें.

क्राइम ब्रांच को अपनी जांच में पता चला कि जानबूझकर, लापरवाही से और दुर्भावनापूर्ण तरीके से कानून के निर्देशों का उल्लंघन किया गया, पुलिस की तरफ से कई लिखित नोटिस भी जारी किए गए. लगभग 1300 जमाती अलग-अलग राज्यों से और साथ ही साथ विदेशों से भी आए और जमाती मरकज में बिना कोई जानकारी दिए वहां पर रहते हुए पाए गए.

मरकज में कोई भी एक-दूसरे के साथ सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करता हुआ नहीं दिखा. मरकज के अंदर कोई भी फेशियल मास्क, हैंड सैनिटाइजर का उपयोग करता हुआ नहीं पाया गया, जिससे पता चलता है कि मौलाना साद और मरकज प्रबंधन ने भारी लापरवाही की थी.

अधिकांश विदेशी पर्यटक वीजा या ई-वीजा पर पहुंचे थे
बड़ी संख्या में विदेशियों को भारत में यात्रा करते हुए पाया गया था, जिन्होंने तबलीगी जमात से संबंधित गतिविधियों में निजामुद्दीन मरकज में भाग लिया. 900 से अधिक ऐसे विदेशी पहले से ही हैं, जो इस मामले में जांच में शामिल किए गए हैं. यह भी पता चला कि इनमें से अधिकांश विदेशी पर्यटक वीजा या ई-वीजा पर पहुंचे थे. क्राइम ब्रांच ने 900 से ज्यादा जमातियों को जांच में शामिल किया, उनको 41 सीआरपीसी का नोटिस देकर उनके बयान दर्ज किए हैं. अभी तक किसी को भी इस मामले में गिरफ्तार नहीं किया गया है.

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[source_ZEE NEWS]
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