बाबरी विध्वंस मामला: पूर्व सांसद वेदांती समेत 5 लोग कोर्ट में हुए पेश, ये है वजह

लखनऊ: बाबरी मस्जिद ढहाए जाने के मामले में पूर्व सांसद राम विलास वेदांती और चार अन्य शुक्रवार को विशेष सीबीआई अदालत (अयोध्या प्रकरण) में अपने बयान दर्ज कराने के लिए उपस्थित हुए. 

हालांकि, समय की कमी के कारण अदालत केवल एक आरोपी गांधी यादव का ही बयान सीआरपीसी की धारा- 313 के तहत दर्ज कर पाई. अदालत ने आरोपियों को शनिवार को पेश होने के लिए कहा. 

विशेष न्यायाधीश एस. के. यादव ने आरोपियों को निर्देश दिया कि अगर उनके पास बचाव के साक्ष्य हों तो वे लिखित में प्रस्तुत करें. शुक्रवार को अदालत के समक्ष वेदांती, विजय बहादुर सिंह, पवन पांडे, संतोष दुबे और गांधी यादव पेश हुए. 

ये भी पढ़ें- भारत-चीन के बीच विवाद और बढ़ेगा या खत्म होगा? कोर कमांडर की बैठक कल

इस मामले में उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री कल्याण सिंह, पूर्व उप प्रधानमंत्री लालकृष्ण आडवाणी, मुरली मनोहर जोशी, उमा भारती, विनय कटियार, साध्वी ऋतंभरा और साक्षी महाराज सहित 32 लोग आरोपी हैं. 

आडवाणी, जोशी और उमा भारती को अगले आदेश तक व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होने से छूट मिली है. बाबरी मस्जिद को दिसंबर 1992 में कारसेवकों ने ढहाया था, जिनका दावा था कि अयोध्या में मस्जिद प्राचीन राम मंदिर वाली जगह पर बनाई गई थी. 

ये भी देखें- 

उच्चतम न्यायालय ने 19 अप्रैल 2017 को विशेष न्यायाधीश को आदेश दिया था कि वह मामले की रोजाना सुनवाई करें और सुनवाई दो साल में पूरी करें. 

शीर्ष अदालत ने इस साल आठ मई को विशेष न्यायाधीश के लिए नई समय सीमा तय करते हुए 31 अगस्त तक फैसला सुनाने को कहा. 

[source_ZEE NEWS]
%d bloggers like this: