फीस वसूली का विरोध: जालंधर में कपड़े उतार किया प्रदर्शन तो लुधियाना में भीख मांगकर जताया रोष

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Sat, 23 May 2020 01:33 AM IST

जालंधर और लुधियाना में विरोध प्रदर्शन।

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निजी स्कूलों के फीस मांगने के विरोध में लोक इंसाफ पार्टी के नेताओं ने मोर्चा खोल दिया है। शुक्रवार को पार्टी नेताओं ने डीसी दफ्तर के सामने कपड़े उतारकर विरोध प्रदर्शन किया। प्रशासन, स्कूल माफिया और सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी भी की। पार्टी के जिला प्रधान जसवीर सिंह बग्गा के नेतृत्व में डीसी को मांग पत्र सौंपा। बग्गा ने कहा कि सरकार व प्रशासन लोगों की आंखों में धूल झोंकने के अलावा कुछ नहीं कर रहे। दावा किया था कि कोरोना वायरस की वजह से तमाम शिक्षा संस्थान फीस नहीं वसूलेंगे, लेकिन यह दावे बिल्कुल खोखले साबित हो रहे हैं। बग्गा ने कहा कि स्कूल माफिया पिछले दो महीनों से बेरोजगार अभिभावकों से फीस मांग कर उनके कपड़े उतार रहा है, जिस कारण उन्होंने भी कपड़े उतार कर विरोध प्रदर्शन किया। 

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बच्चों के माता-पिता ने लॉकडाउन और कर्फ्यू के दौरान एक भी रुपये नहीं कमाया, ऐसे में वे कहां से फीस भर सकते हैं। उन्होंने कहा कि निजी स्कूल परिजनों को मैसेज भेज कर फीस जमा करवाने को कह रहे हैं। राज्य सरकार भी निजी स्कूल वालों की ओर से की जा रही लूट को रोकने में नाकाम साबित हुई हैं। फीस मैसेज भेज कर प्रताड़ित किया जा रहा है। इसको रोका जाना चाहिए। बग्गा ने कहा कि यह विरोध आगे भी जारी रहेगा, जब तक लुट बंद नहीं हो जाती। इस मौके पर साहिल, सुनील, हरदेव, गगन अरोड़ा मौजूद रहे।

निजी स्कूलों की तरफ से छात्रों से ट्यूशन फीस मांगने के खिलाफ शुक्रवार पेरेंट्स एसोसिएशन की तरफ से जमकर प्रदर्शन किया गया। एसोसिएशन के सभी पदाधिकारी भारत नगर चौक पर जुटे और भीख मांगकर पैसे एकत्र किए। सभी पदाधिकारियों ने भारत नगर चौक से डीसी दफ्तर तक पैदल मार्च करते हुए ‘नो स्कूल नो फीस’ के नारे भी लगाए। 

उन्होंने अपना ज्ञापन जिला राजस्व अधिकारी को सौंपा। एसोसिएशन की सदस्य यादविंदर कौर ने बताया कि कोरोना संक्रमण के कारण इस समय विश्व भर में लॉकडाउन चल रहा है। बीते दो माह से अभिभावक अपने घरों में बैठे है, कमाई का कोई साधन नहीं बचा है। विदेश में वहां की सरकारें छात्रों को मुफ्त शिक्षा देती है लेकिन भारत सरकार इतना कर सकती है कि इस महामारी काल में फीसों को माफ कर दें।

निजी स्कूल अब अभिभावकों पर ट्यूशन फीस देने का दवाब बनाना शुरू कर चुके है। ऐसी स्थिति वह पैसा कहां से लाए। इसलिए उनकी सरकार से मांग है कि ट्यूशन फीस वसूली के काम को बंद किया जाए। एडवोकेट केजी शर्मा ने कहा कि एसोसिएशन की एक ही मांग है कि ‘नो स्कूल नो फीस’।

निजी स्कूलों के फीस मांगने के विरोध में लोक इंसाफ पार्टी के नेताओं ने मोर्चा खोल दिया है। शुक्रवार को पार्टी नेताओं ने डीसी दफ्तर के सामने कपड़े उतारकर विरोध प्रदर्शन किया। प्रशासन, स्कूल माफिया और सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी भी की। पार्टी के जिला प्रधान जसवीर सिंह बग्गा के नेतृत्व में डीसी को मांग पत्र सौंपा। 

बग्गा ने कहा कि सरकार व प्रशासन लोगों की आंखों में धूल झोंकने के अलावा कुछ नहीं कर रहे। दावा किया था कि कोरोना वायरस की वजह से तमाम शिक्षा संस्थान फीस नहीं वसूलेंगे, लेकिन यह दावे बिल्कुल खोखले साबित हो रहे हैं। बग्गा ने कहा कि स्कूल माफिया पिछले दो महीनों से बेरोजगार अभिभावकों से फीस मांग कर उनके कपड़े उतार रहा है, जिस कारण उन्होंने भी कपड़े उतार कर विरोध प्रदर्शन किया। 

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बच्चों के माता-पिता ने लॉकडाउन और कर्फ्यू के दौरान एक भी रुपये नहीं कमाया, ऐसे में वे कहां से फीस भर सकते हैं। उन्होंने कहा कि निजी स्कूल परिजनों को मैसेज भेज कर फीस जमा करवाने को कह रहे हैं। राज्य सरकार भी निजी स्कूल वालों की ओर से की जा रही लूट को रोकने में नाकाम साबित हुई हैं। फीस मैसेज भेज कर प्रताड़ित किया जा रहा है। इसको रोका जाना चाहिए। बग्गा ने कहा कि यह विरोध आगे भी जारी रहेगा, जब तक लुट बंद नहीं हो जाती। इस मौके पर साहिल, सुनील, हरदेव, गगन अरोड़ा मौजूद रहे।


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लुधियाना में भीख मांग जताया विरोध

Source AMAR UJALA

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