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फर्जी सोशल मीडिया अकाउंट्स के खिलाफ SC में याचिका दायर, मैकेनिज्म बनाए जाने की मांग

नई दिल्ली: सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) में जनहित याचिका दायर कर कहा गया है कि बोगस और फर्जी सोशल मीडिया अकाउंट के जरिए फेक न्यूज फैलाई जा रही है. फेक न्यूज के जरिए देश में नफरत फैलाई जा रही है. फर्जी अकाउंट के जरिए नेगेटिव खबरें भी प्रसारित की जा रही हैं, जिसे चेक करने के लिए मैकेनिज्म की जरूरत है.

जनहित याचिका में टि्वटर कंटेंट को चेक करने के लिए मैकेनिज्म बनाए जाने की मांग की गई है. याचिका में यह भी मांग की गई है कि ट्वीटर, फेसबुक सहित सभी सोशल मीडिया अकाउंट होल्डर्स का KYC किए जाने की जरूरत है, जिससे सोशल मीडिया पर भड़काऊ और नफरत फैलाने वाले पोस्ट शेयर करने वालों की आसानी से पहचान की जा सके. 

जनहित याचिका में कहा गया है कि ट्वीटर और फेसबुक पर सैकड़ों की संख्या में प्रमुख हस्तियों और संवैधानिक पदों पर बैठे लोगों के नाम पर फर्जी अकाउंट हैं. ऐसे फर्जी एकाउंट के जरिए फेक खबरें फैलाई जाती हैं और लोग इनपर भरोसा भी आसानी से कर लेते हैं.

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याचिका में हाल में हुए दिल्ली दंगे का हवाला देते हुए कहा गया है कि देश में ऐसे कई दंगे के पीछे फेक न्यूज बड़ी वजह होती है. याचिका में कहा गया है कि चुनाव के समय राजनीतिक पार्टियां भी सोशल मीडिया पर फेक एकाउंट के सहारे अपनी छवि सुधारने और विरोधी की छवि खराब करने का काम करती हैं. 

याचिका में कहा गया है कि देश में कुल 35 मिलियन ट्वीटर अकाउंट और 350 मिलियन फेसबुक अकाउंट है जिनमें से 10 प्रतिशत अकाउंट डुप्लीकेट, बोगस या फेक हैं. याचिका में मांग की गई है कि ट्वीटर पर देशविरोधी ट्वीट का प्रसार करने और ऐसे ट्वीटके प्रसार को जानबूझकर नहीं रोकने के लिए भारत में ट्वीटर के अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई का प्रावधान होना चाहिए. 

वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग ऐप Zoom को लेकर भी याचिका दायर

वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग ऐप Zoom को लेकर भी सुप्रीम कोर्ट में जनहित याचिका दायर की गई है. याचिका में ऐप के खिलाफ प्रिवेसी और डेटा सुरक्षा को लेकर सवाल उठाया गया है और मांग की गई है कि जबतक इसके लिए कोई कानून नहीं बन जाता, इस ऐप के इस्तेमाल पर रोक लगनी चाहिए. 

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