फर्जी ऐप्स से होगी परेशानी, ऐसे रहें सावधान

फर्जी ऐप के जरिए डाटा चोरी की घटनाओं की संख्या तेजी से बढ़ रही है। यह थर्ड पार्टी मोबाइल ऐप डाउनलोड करने से ज्यादा हो रही हैं। ऐसे में यदि हम किसी भी थर्ड पार्टी ऐप को डाउनलोड करते समय कुछ विशेष बातों का ख्याल रखेंगे तो ऐसे ऐप के खतरों से खुद को बचा सकेंगे।

फर्जी ऐप के जरिए डाटा चोरी की घटनाओं की संख्या तेजी से बढ़ रही है। यह थर्ड पार्टी मोबाइल ऐप डाउनलोड करने से ज्यादा हो रही हैं। ऐसे में यदि हम किसी भी थर्ड पार्टी ऐप को डाउनलोड करते समय कुछ विशेष बातों का ख्याल रखेंगे तो ऐसे ऐप के खतरों से खुद को बचा सकेंगे।

सबसे पहले डिस्क्रिप्शन जांचें
असली या नकली ऐप की पहचान डवलपर व डिस्क्रिप्शन देखकर हो सकती है। इसके लिए सबसे पहले आप ऐप का डिस्क्रिप्शन चैक करें। उसके डवलपर के सबंध में पूरी जानकारी पढ़ें। हालांकि कई फर्जी ऐप बनाने वाले डवलपर तो असली ऐप के डवलपर के नाम की भी नकल कर लेते हैं। इसलिए ध्यान दें कि कहीं डवलपर के नाम के आगे कोई विशेष संकेत या अक्षर न लिखा हो। अक्षरों के बीच में गैप न दिया गया हो।

सेफ्टी फीचर है आवश्यक
मोबाइल फोन में एंटी वायरस का इस्तेमाल करें। इसका फायदा यह है कि यदि आप ऐसे ऐप को डाउनलोड कर रहे हैं जो कि विश्वसनीय नहीं है या उससे मोबाइल डाटा को खतरा हो सकता है तो आपको एंटीवायरस चेतावनी दे देगा। जिसके बाद आप उस ऐप के बारे में सभी जानकारी जुटाएं व इग्नोर करें। एंटीवायरस को ऑटो अपडेट मोड पर रखें ताकि लगातार अपडेट होता रहे और किसी भी प्रकार के वायरस से आपके स्मार्टफोन को बचाकर रख सकें।







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