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पीआरटीसी ने 80 रूटों पर बस सेवा शुरू की, एहतियात के बावजूद कम दिखी यात्रियों की भीड़

पीआरटीसी की बसें
– फोटो : अमर उजाला

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पेप्सू रोड ट्रांसपोर्ट कॉर्पोरेशन (पीआरटीसी) ने बुधवार को करीब दो महीने बाद बस सेवा बहाल की है। चेयरमैन केके शर्मा और मैनेजिंग डायरेक्टर जसकिरण सिंह ने पटियाला बस अड्डे में बस सेवा का जायजा लिया। शर्मा ने बताया कि पीआरटीसी ने पंजाब सरकार के निर्देशानुसार राज्यभर में अपने नौ डिपो से 80 रूटों पर बस सेवा शुरू कर दी है।चेयरमैन ने बताया कि कॉर्पोरेशन ने राज्य परिवहन विभाग की अधिसूचना के मुताबिक निर्धारित रूटों पर बस सेवा आरंभ की है। उन्होंने माना कि अभी कुछ दिनों तक बसों में सवारियों की संख्या कम रहने का अनुमान है। शर्मा ने लोगों से अपील की है कि बसों में सफर के दौरान मास्क का प्रयोग और सामाजिक दूरी के नियमों का पालना करें। यदि किसी के पास मास्क नहीं होगा तो उस कम कीमत पर मास्क मुहैया करवाया जाएगा।

एमडी जसकिरण सिंह ने बताया कि बस सेवा चुनिंदा रूटों में शुरू से आखिर तक ही चलेगी और रास्ते में किसी भी बस अड्डे पर खड़ी सवारी को नहीं बैठाया जाएगा। केवल जिला मुख्यालय पर सवारियां उतारी जाएंगी। एमडी ने बताया कि बस के चलने से पहले टिकट एडवांस बुक या कंडक्टर की ओर से काटी जाएंगी। 

चालक और परिचालक के लिए भी सामाजिक दूरी का प्रबंध किया गया है। उन्होंने बताया 50 प्रतिशत सीटों पर ही सवारी बैठाई जाएगी। पीआरटीसी के पटियाला डिपो के जनरल मैनेजर जेपीएस ग्रेवाल ने बताया कि बस अड्डे में हाथ धोने के लिए पैरों से चलाने वाले नल और पैरों से दबाकर हाथ सैनिटाइज करने का प्रबंध किया गया है।

मुक्तसर में चार रूटों पर बसें चलीं
मुक्तसर से चार रूटों पर बसें तो चलीं, मगर सवारियां नाममात्र ही दिखीं। कुछ एक बसें इक्का-दुक्का सवारियों को लेकर गंतव्य की ओर बढ़ीं। जबकि अधिकतर बस स्टैंड पर ही खड़ी नजर आईं। सरकार ने बस चलाने को लेकर अवाश्यक निर्देश दिए थे। इन आदेशों के तहत फिलहाल बसों में आधी  सवारियां सफर कर पाएंगी।

चालकों और परिचालकों के लिए बसों में केबिन बनाने के निर्देश भी हैं। चालक और परिचालक सीट के पीछे प्लास्टिक का पर्दा लगाकर केबिन का रूप दिया गया है। जीएम जसविंदर सिंह ने बताया कि फिलहाल मुक्तसर- बठिडा, मुक्तसर-फिरोजपुर, मुक्तसर-मलोट,अबोहर, मुक्तसर-मोगा-लुधियाना रूट पर ही बसें चलाई गई हैं। मुक्तसर से बठिंडा, फिरोजपुर, मलोट और अबोहर के लिए तीन-तीन सवारियों ने सफर किया। वहीं लुधियाना छह सवारियां रवाना हुईं।

पीआरटीसी के भी तीन रूट चले। इस दौरान तीनों रूटों पर सिर्फ पचास ही यात्रियों ने सफर किया। यात्रियों ने सोशल डिस्टेंसिंग का पूरा ध्यान रखा। सवारियों ने मास्क पहन रखा था।

जालंधर में बसें चलीं, यात्रियों का स्टैंड पर हंगामा
सरकार ने लोगों को राहत प्रदान करते हुए कुछ रूट पर बसें चलाने की इजाजत दी। इसके चलते जालंधर बस स्टैंड पर लोगों की खासी भीड़ एकत्र हो गई। इस दौरान यात्रियों ने बस स्टैंड पर हंगामा कर दिया। बस स्टैंड पुलिस चौकी इंचार्ज ने मामला शांत कराया। यात्रियों का आरोप है कि जालंधर बस स्टैंड से तीन बसें लुधियाना को चलनी थीं।

दो बसें तो लुधियाना को रवाना हुईं लेकिन एक बस सरकारी कर्मचारी के कहने पर अमृतसर रवाना कर दी गई। हंगामा कर रहे यात्रियों का यह भी कहना है कि वह सुबह करीब 9 बजे से लाइनों में लगे। लुधियाना जाने वाली बस को कर्मचारी के कहने पर अमृतसर की तरफ भेज दिया गया। हंगामे की सूचना मिलते ही मौके पर बस स्टैंड चौकी इंचार्ज मेजर सिंह मौके पर पहुंचे और बस स्टैंड के जीएम से बातचीत कर मामले को शांत करवाया। 

बठिंडा डिपो से चलीं 12 बसें
बठिंडा डिपो पर बुधवार को चलाने के लिए करीब सौ बसें लगाई गईं। इनमें से सिर्फ बारह बसें ही चलीं। यात्री कम होने कारण ये 12 बसें भी अपना डीजल खर्च नहीं निकाल पाईं। यह पहली बार हुआ। पीआरटीसी बठिंडा डिपो के जनरल मनेजर रमन शर्मा ने बताया कि बुधवार को डिपो से सौ बसें विभिन्न रूटों पर चलानी थीं। यात्री न होने के कारण पूरी बसें नहीं चल पाईं। 

सिर्फ 12 बसों को बठिंडा-मानसा-चंडीगढ़-बरनाला-डबवाली के अलावा अन्य रूटों पर चलाया गया। उन्होंने बताया कि चंडीगढ़ के लिए सुबह पांच बजे बस रवाना हुई। इसमें 25 यात्रियों को बैठाया गया। इसी रूट पर दूसरी बस में केवल 16 यात्री रवाना थे। अन्य रूटों पर जो दस बसें चलीं उनमें भी 15-16 यात्री थे। यात्री न आने कारण डीजल खर्च भी नहीं निकल सका। 

करीब दो महीने बाद परिवहन विभाग ने लोगों की सुविधा के लिए बुधवार की सुबह 7 बजे से शाम 7 बजे तक होशियारपुर बस स्टैंड से अलग-अलग रूटों पर बस सर्विस शुरू की। होशियारपुर बस अड्डे से बसें चंडीगढ़, जालंधर, दसूहा-मुकेरियां, गुरदासपुर, लुधियाना और टांडा-बटाला के पांच रूटों पर चलाई गईं। जालंधर जाने वाली बस में यात्री अधिक थे। 

अन्य रूटों पर यात्रियों की गिनती नाम मात्र रही। जालंधर के लिए एक बस रवाना होने के बाद दूसरी बस भी अड्डे पर सवारियां लेने में लगी थी। चंडीगढ़ और लुधियाना एक-एक बस गई। इनमें सवारियां कम थीं। सामाजिक दूरी कायम रखने के लिए बसों में क्षमता से आधी सवारियां ही बैठाई जा रही है। टिकट बस स्टैंड के टिकट काउंटर से ही दी जा रही है। बसों में परिचालक तो होंगे लेकिन वह किसी को टिकट जारी नहीं करेंगे।  

बस उन्हीं जगहों पर रुकेंगी जहां पर स्टैंड हैं। रास्ते में किसी भी स्टॉप पर बस रोकने की आज्ञा नहीं होगी। बस अड्डे पर यात्रियों की बुखार आदि की प्राथमिक जांच की गई और जांच में स्वस्थ पाए जाने पर बस में बैठाया गया।

जरूरत के मुताबिक घटाई और बढ़ाई जाएंगी बसें: जीएम
जनरल मैनेजर अनिल कुमार ने बताया कि होशियारपुर बस अड्डे से अलग-अलग स्थानों के लिए सुबह 7 बजे से शाम 7 बजे तक बसे चलाई गईं। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह बसें निर्धारित पांच रूटों पर ही चलेंगी और सवारियों की संख्या के मुताबिक इन रूटों पर बसों की गिनती बढ़ाई या घटाई जा सकती हैं।

सूबा सरकार ने बुधवार से सीमित संख्या में बसें चलाने का एलान करते हुए जिन रूटों की घोषणा की थी, उनमें अबोहर का नाम भी शामिल है। इसी सूचना के आधार पर कई सवारियां सामान सहित बस स्टैंड पर पहुंच गईं। दिनभर बस नहीं आने से उन्हें भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। काफी देर तक इंतजार करने के बाद सवारियां लौट गईं।

राज्य परिवहन विभाग की ओर से जिन रूटों पर बसों का संचालन होना है, उसमें अबोहर से मुक्तसर, मोगा, जालंधर, बठिंडा और सलदूरगढ़ के लिए भी बसें जानी थी। सरकारी एलान के बाद सोशल मीडिया पर आई इस सूचना के साथ ही उक्त शहरों को जाने वाली सवारियों ने तैयारी कर ली और सुबह होते ही सामान लेकर बस स्टैंड पहुंच गईं। 

कई घंटे तक इंतजार करने के बाद जब एक भी बस नहीं आई तो सवारियां वापस चली गईं। लोगों ने विभाग से मांग की है कि जिस प्रकार से प्रदेश के अन्य रूटों पर बसों का संचालन शुरू किया गया है, उसी प्रकार से अबोहर से भी आसपास के शहरों के लिए बसें शुरू की जाएं।

बुधवार को पीआरटीसी की बसों को सड़क पर उतारा गया। पहले ही दिन इन बसों को सवारियां नहीं मिल पाई। राज्य सरकार की हिदायत पर पीआरटीसी के फरीदकोट डिपो की ओर से भी कुल छह अलग-अलग रूट फरीदकोट से मोगा, फिरोजपुर, बठिंडा, अमृतसर, लुधियाना व चंडीगढ़ के लिए बसें चलाने की योजना बनाई गई। 

ज्यादातर रूट पर बसों को तय सवारियां ही नहीं मिल पाई। इसके चलते यह बसें, स्टैंड पर खड़ी रही और यात्रा करने की मंशा से आईं कुछ सवारियों को लौटना पड़ा। पीआरटीसी अधिकारियों ने बताया कि हिदायत के अनुसार बस में क्षमता से 50 प्रतिशत यानी 25 सवारियां होना जरूरी है और सभी सवारियां भी एक ही स्थान पर जाने वाली होनी चाहिए। इसी वजह से सवारियां नहीं मिल पाई। एक बस को कोटकपूरा के मुख्य चौक भी भेजा गया लेकिन यहां पर भी यह बस दिन भर खड़ी रही। 

फिरोजपुर से अमृतसर, मोगा को चली बस
पंजाब रोडवेज फिरोजपुर डिपो के जनरल मैनेजर अरविंद शर्मा के मुताबिक बुधवार को फिरोजपुर से अमृतसर और फिरोजपुर से मोगा के बीच बस चलाई गई। 57 दिनों बाद फिरोजपुर से अमृतसर के लिए गई बस में पांच व्यक्ति सवार हुए और फिरोजपुर से मोगा के लिए चली बस पर 17 लोग सवार हुए। शर्मा ने बताया सरकार के आदेश के बाद आज दो बसें चलाई गई हैं।  सरकार के आदेश पर ही अन्य रूटों पर बसें चलाई जाएंगी।

बरनाला: चलीं बसें सरकारी, नहीं मिली सवारी 
पीआरटीसी बसों के पहिये बुधवार से सड़कों पर घूमने शुरू हो गए हैं। पहले दिन सवारियां कम होने से सरकारी बसें ज्यादातर खाली ही चलीं। पीआरटीसी ने बरनाला स्टैंड से आठ बसे चलाई। सुबह सात बजे से रूटों पर शुरु हुई बसें सवारियां कम होने के कारण साढे आठ बजे के करीब चलीं। बरनाला बस स्टैंड इंचार्ज विक्रमजीत सिंह ने कहा कि बुधवार को पहली बस सुबह सात बजे बरनाला से संगरूर के लिए रवाना होनी थी। बस को सुबह 5.30 बजे काउंटर पर लगाया गया। 

सुबह 8.45 तक सिर्फ कुल 6 सवारियां ही बस स्टैंड में आईं। बरनाला से लुधियाना की तरफ जाने वाली बस में सिर्फ चार सवारियां थी। बरनाला से मोगा की तरफ जाने वाली बस में एक सवारी ही थी। पीआरटीसी के मैनेजर राम सिंह ने बरनाला से मोगा, बरनाला से सिरसा, बरनाला से लुधियाना, बरनाला से बठिंडा, बरनाला से संगरुर, बरनाला से मानसा, बरनाला से बुढलाडा तक बसें चलीं।

बुधवार को पहले दिन पठानकोट से अमृतसर, जालंधर व होशियारपुर के लिए 9 बसें चलाई गई। इसमें महज 74 यात्रियों ने ही सफर किया। जानकारी के अभाव व कोरोना के खौफ से परिवहन विभाग की तैयारियां धरी रह गईं। बेहद कम संख्या में पहुंचे यात्रियों की मेन गेट पर ही स्क्रीनिंग की और फिर  बसों में बैठाया गया। 

अधिकारियों का कहना है कि सुबह 7 बजे से लेकर 7 बजे तक बसें रोड पर चलेंगी। इसके बाद बसें जहां होंगी, उन्हें वहीं रोक दिया जाएगा। डिपो की अमृतसर जाने वाली बसों का दीनानगर, गुरदासपुर व बटाला के बाद सीधे अमृतसर में ठहराव होगा। होशियारपुर जाने वाली बसों का मुकेरिया, दसूहा, होशियारपुर व जालंधर में ठहराव होगा। 

पंजाब रोडवेज पठानकोट डिपो के सब इंस्पेक्टर व नोडल अधिकारी जीवन वर्मा ने कहा कि सामान्य सर्विस के अलावा स्पेशल सर्विस से पठानकोट से तीन बसों को उत्तराखंड, दो बसों को अमृतसर और एक बस को कपूरथला के लिए रवाना कर 107 लोगों को पैतृक राज्य भेजा गया। 

चेन्नई से कैंट स्टेशन पहुंचे हिमाचल के 269 लोग
स्पेशल स्पेशल रेल सेवा के जरिए चेन्नई में फंसे हिमाचल प्रदेश के 269 लोगों को लेकर ट्रेन पठानकोट कैंट स्टेशन पहुंची। कैंट स्टेशन पहुंचने पर नूरपुर के एसडीएम डॉ. सुरेंद्र कुमार के नेतृत्व में सभी लोगों को एचआरटीसी की 13 बसों से उनके पैतृक जिला में पहुंचाया गया। 

पेप्सू रोड ट्रांसपोर्ट कॉर्पोरेशन (पीआरटीसी) ने बुधवार को करीब दो महीने बाद बस सेवा बहाल की है। चेयरमैन केके शर्मा और मैनेजिंग डायरेक्टर जसकिरण सिंह ने पटियाला बस अड्डे में बस सेवा का जायजा लिया। शर्मा ने बताया कि पीआरटीसी ने पंजाब सरकार के निर्देशानुसार राज्यभर में अपने नौ डिपो से 80 रूटों पर बस सेवा शुरू कर दी है।

चेयरमैन ने बताया कि कॉर्पोरेशन ने राज्य परिवहन विभाग की अधिसूचना के मुताबिक निर्धारित रूटों पर बस सेवा आरंभ की है। उन्होंने माना कि अभी कुछ दिनों तक बसों में सवारियों की संख्या कम रहने का अनुमान है। शर्मा ने लोगों से अपील की है कि बसों में सफर के दौरान मास्क का प्रयोग और सामाजिक दूरी के नियमों का पालना करें। यदि किसी के पास मास्क नहीं होगा तो उस कम कीमत पर मास्क मुहैया करवाया जाएगा।

एमडी जसकिरण सिंह ने बताया कि बस सेवा चुनिंदा रूटों में शुरू से आखिर तक ही चलेगी और रास्ते में किसी भी बस अड्डे पर खड़ी सवारी को नहीं बैठाया जाएगा। केवल जिला मुख्यालय पर सवारियां उतारी जाएंगी। एमडी ने बताया कि बस के चलने से पहले टिकट एडवांस बुक या कंडक्टर की ओर से काटी जाएंगी। 

Source AMAR UJALA