पंजाब सरकार ने मरीजों से ज्यादा पैसे वसूलने वाले प्राइवेट अस्पतालों के लाइसेंस रद्द करने की चेतावनी दी

  • पंजाब सरकार मरीजों और निजी अस्पतालों के हितों को ध्यान में रखते हुए कोविड-19 के इलाज के लिए खर्च तय करेगी
  • स्वास्थ्य मंत्री बलबीर सिंह सिद्धू बोले- प्राइवेट अस्पतालों को कोई वित्तीय नुकसान नहीं होने देना चाहते, पर लूट मचाने की भी छूट नहीं

दैनिक भास्कर

Jun 14, 2020, 08:10 PM IST

जालंधर. कोरोना मरीजों के इलाज में प्राइवेट अस्‍पतालों के रवैये पर पंजाब सरकार सख्‍त हो गई है। सरकार ने मरीजों से ज्यादा पैसे वसूलने वाले प्राइवेट अस्पतालों के लाइसेंस रद्द किए जाने की चेतावनी दी है। दरअसल, राज्‍य में प्राइवेट अस्‍पतालों द्वारा कोरोना मरीजों से अधिक पैसे वसूलने की रिपोर्टें में मिल रही हैं, जिनका सख्त नोटिस लेते हुए स्वास्थ्य मंत्री बलबीर सिंह सिद्धू ने दो टूक चेतावनी दी है।

मंत्री ने कहा कि पंजाब सरकार मरीजों और निजी अस्पतालों के हितों को ध्यान में रखते हुए जल्द ही कोविड-19 के इलाज के लिए खर्च तय करेगी। इसके लिए सोमवार को बैठक बुलाई गई है। उन्होंने कहा, ‘सरकार ऐसे गंभीर हालात में किसी भी कीमत पर प्राइवेट अस्पतालों को मरीजों के शोषण की अनुमति नहीं देगी। यह विपदा की घड़ी है, जब हर कोई बचाव के लिए लड़ रहा है और ऐसे नाजुक समय में कुछ प्राइवेट अस्पताल मजबूर और बेबस मरीजों से अंधाधुंध पैसे वसूल रहे हैं।’

स्‍वास्‍थ्‍य मंत्री ने चेतावनी दी कि ऐसे सभी अस्पतालों के लाइसेंस रद्द करने के अलावा उनकी सभी सुविधाएं वापस ले ली जाएंगी। सरकार के पास इन अस्पतालों को मुहैया करवाई गई जमीन को बहुत रियायती दरों पर वापस लेने का भी अधिकार है। सोमवार को बैठक में सभी पक्षों को ध्यान में रखा जाएगा। साथ ही उन्होंने कहा कि हम नहीं चाहते कि प्राइवेट अस्पतालों को कोई वित्तीय नुकसान हो, लेकिन हम किसी भी कीमत पर लूट मचाने की भी छूट नहीं देंगे।

मंत्री ने कहा कि मरीजों के इलाज के लिए विशेष फीस तय करने के बाद इसका लोगों में प्रचार किया जाएगा। इसको डिसप्ले करना प्राइवेट अस्पतालों के लिए अनिवार्य होगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि निश्चित रूप से कोविड के एक मरीज के इलाज के लिए लाखों रुपए खर्च नहीं होने चाहिए।

सिर्फ अच्छी निगरानी और बेहतर डाइट की जरूरत
उन्होंने कहा कि कोविड-19 के बहुत से मरीजों को किसी विशेष इलाज या किसी विशेष दखल की जरूरत नहीं होती। उनको निगरानी में रखने के अलावा सिर्फ अच्छा खाना और दवाओं की ही जरूरत होती है, इसलिए अस्पतालों को उतने पैसे वसूल करने की जरूरत नहीं होनी चाहिए, जितने वह इस समय वसूल रहे हैं।

Source BHASKAR

%d bloggers like this: