पंजाब में कोरोना ने ली दो और जान, लुधियाना में आरपीएफ जवान तो अमृतसर में महिला की मौत

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पंजाब में कोरोना का कहर जारी है। गुरुवार को अमृतसर और लुधियाना में कोरोना से दो लोगों की मौत हो गई। लुधियाना में इस बीमारी से जान गंवाने वाले में आरपीएफ का जवान शामिल है। वहीं अमृतसर में 65 वर्षीय महिला को वायरस ने अपना शिकार बनाया है। प्रदेश के कई जिलों में नए पॉजिटिव मामले भी दर्ज किए गए हैं।अमृतसर में कोरोना से 65 वर्षीय महिला की जान गई 
अमृतसर में गुरुवार को एक 65 वर्षीय संक्रमित महिला की मौत हो गई। जिले में कोरोना से यह सातवीं मौत है। महिला बाबा बकाला के गांव बुलारा भट्टीके की रहने वाली थी। संदिग्ध लक्षणों के चलते उसे बुधवार को निजी अस्पताल में दाखिल करवाया गया था। लैब रिपोर्ट में कोरोना की पुष्टि हुई। इसके बाद उसे श्री गुरुनानक देव जी अस्पताल में भर्ती किया गया। 

महिला कोरोनरी आर्टरी डिजीज से भी ग्रस्त थी। इस बीमारी में हार्ट की नसों में ब्लॉकेज हो जाता है। इसके अलावा उसे हाइपरटेंशन की शिकायत भी थी। महिला को वेंटिलेटर पर रखा गया था लेकिन गुरुवार को उसने दम तोड़ दिया। खास बात यह है कि इस महिला का कोई यात्रा इतिहास नहीं था। स्वास्थ्य विभाग ने महिला के परिजनों के सैंपल भी लिए हैं। 

महिला के संपर्क में आए अन्य लोगों की तलाश की जा रही है। अब तक 354 पॉजिटिव मरीज रिपोर्ट हो चुके हैं। इनमें से 41 ऐसे हैं जिनका कोई भी यात्रा इतिहास नहीं है। ये पॉजिटिव कैसे हुए, यह जानकारी स्वास्थ्य विभाग के पास भी नहीं है। कोरोना से ठीक हुए लोगों का आंकड़ा 301 है।लुधियाना में कोरोना से आरपीएफ कर्मचारी की मौत
कई दिनों की राहत के बाद गुरुवार को लुधियाना के लिए बुरी खबर आई। गुरुवार की दोपहर कोरोना से पीड़ित चल रहे आरपीएफ कर्मचारी की मौत हो गई। पीड़ित का सीएमसी अस्पताल में इलाज चल रहा था। कर्मचारी की पहचान जालंधर के करोल बाग इलाके में रहने वाले पवन कुमार (49) के रूप में हुई है। वह पिछले काफी समय से लुधियाना में तैनात था। 

सिविल सर्जन डॉ. राजेश बग्गा ने बताया कि आरपीएफ कर्मचारी पवन कुमार 20 मई को कोरोना की चपेट में आया था। उसे इलाज के लिए सिविल अस्पताल में दाखिल कराया गया। जहां उसकी हालत गंभीर बनी हुई थी। 22 मई को उसे सीएमसी अस्पताल रेफर कर दिया गया। जहां छह दिन उसका इलाज लेकिन गुरुवार दोपहर में इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। 

वह लुधियाना में पिछले काफी दिनों से तैनात था। पवन कुमार उस समय कोरोना की चपेट में आया था, जब केंद्र सरकार की इजाजत से पंजाब सरकार ने मजदूरों को उनके घरों तक भेजने के लिए ट्रेने चलाई थी। उसके बाद कई आरपीएफ जवान चपेट में आए थे। पवन भी उनमें से एक था।

कुछ दिन पहले ही कोरोना मुक्त हुए रोपड़ के कस्बे नूरपुरबेदी के गांव झच्ज का 33 साल का टैक्सी चालक संक्रमित पाया गया है। संक्रमित कुछ दिन पहले दिल्ली से वापस आया था। दो दिन पहले उसका सैंपल लिया गया था, जिसकी रिपोर्ट देर शाम पॉजिटिव आई है। उसे ज्ञान सागर अस्पताल बनूड़ भेज दिया गया। 

सरकारी अस्पताल सिंह पुर के एसएमओ डॉ. शिव कुमार ने बताया कि उक्त व्यक्ति के संपर्कों का पता लगाया जा रहा है। वहीं डीसी सोनाली गिरि ने बताया कि नई केन्द्रीय हिदायतों के अनुसार अगर किसी क्षेत्र में 15 से कम केस रिपोर्ट होते हैं तो 3 किलोमीटर क्षेत्र में पड़ने वाले गांवों को अब सील नहीं किया जाएगा। 

पठानकोट में फल कारोबारी बाप-बेटा संक्रमित
पठानकोट में कोरोना संक्रमितों की संख्या में रोजाना इजाफा हो रहा है। गुरुवार को आई रिपोर्ट में सैली रोड निवासी बाप-बेटा संक्रमित मिले हैं। दोनों डमटाल बाजार में फल का कारोबार करते हैं और इंदिरा कॉलोनी निवासी संक्रमित किराना होलसेलर के संपर्क में आए थे। स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक सैली रोड स्थित सिल्वर एस्टेट निवासी पिता-पुत्र जालंधर के एक अस्पताल में इलाज के लिए पहुंचे थे लेकिन कोरोना के लक्षण पाए जाने पर उन्हें सिविल अस्पताल (जालंधर) रेफर किया गया। 

सैंपल लिए गए, जिसकी रिपोर्ट पॉजिटिव आई है। जिसके बाद आइसोलेशन वार्ड में दाखिल कर इलाज शुरू कर दिया गया। वहीं, शहर के विष्णु नगर में पांच संक्रमित मिलने के बाद स्वास्थ्य विभाग ने 29 लोगों के सैंपल लिए हैं। ये लोग विष्णु नगर के संक्रमित आढ़ती के संपर्क में आए थे। एपोडॉमोलोजिस्ट डॉ. विनीत बल ने बताया कि सैंपलिंग का मकसद है कि कहीं इस इलाके में वायरस कम्युनिटी स्तर पर तो नहीं फैल रहा। 

बता दें, फल कारोबारी पिता-पुत्र को मिलाकर पठानकोट में संक्रमितों का कुल आंकड़ा 47 पहुंच गया है। इनमें से 2 लोगों की मौत हो गई। जबकि, 18 एक्टिव मरीज हैं। जिनमें से 16 का इलाज चिंतपूर्णी मेडिकल कॉलेज में चल रहा है। बाकी मरीज इलाज के बाद अपने घर लौट चुके हैं।

होशियारपुर में गुरुवार को चार नए पॅाजिटिव केस सामने आने से एक्टिव मामलों की संख्या 21 हो गई है। सिविल सर्जन डॉ. जसवीर सिंह ने बताया कि यह चार पॉजिटिव केस गांव नंगली जलालपुर के निवासी कोविड-19 के शिकार हुए उस मरीज के संपर्क में थे, जिसकी कुछ दिन पहले जालंधर में मौत हुई थी।  

गुरुवार को आईं रिपोर्ट्स में से चार केस पॉजिटिव आने के बाद गांव में मरीजों की संख्या 44 हो गई है। अब तक गांव में कोरोना के कारण मौत का शिकार हुए व्यक्ति के संपर्क में आए 14 लोगों की रिपोर्ट पॉजिटिव आ चुकी है। हालांकि स्वास्थ्य विभाग की टीम लगातार इस चेन को तोड़ने में लगी हुई है। एसएमओ केआर बाली के नेतृत्व में सरकारी अस्पताल टांडा की टीम जुटी हुई है। 

पंजाब में कोरोना का कहर जारी है। गुरुवार को अमृतसर और लुधियाना में कोरोना से दो लोगों की मौत हो गई। लुधियाना में इस बीमारी से जान गंवाने वाले में आरपीएफ का जवान शामिल है। वहीं अमृतसर में 65 वर्षीय महिला को वायरस ने अपना शिकार बनाया है। प्रदेश के कई जिलों में नए पॉजिटिव मामले भी दर्ज किए गए हैं।

अमृतसर में कोरोना से 65 वर्षीय महिला की जान गई 

अमृतसर में गुरुवार को एक 65 वर्षीय संक्रमित महिला की मौत हो गई। जिले में कोरोना से यह सातवीं मौत है। महिला बाबा बकाला के गांव बुलारा भट्टीके की रहने वाली थी। संदिग्ध लक्षणों के चलते उसे बुधवार को निजी अस्पताल में दाखिल करवाया गया था। लैब रिपोर्ट में कोरोना की पुष्टि हुई। इसके बाद उसे श्री गुरुनानक देव जी अस्पताल में भर्ती किया गया। 

महिला कोरोनरी आर्टरी डिजीज से भी ग्रस्त थी। इस बीमारी में हार्ट की नसों में ब्लॉकेज हो जाता है। इसके अलावा उसे हाइपरटेंशन की शिकायत भी थी। महिला को वेंटिलेटर पर रखा गया था लेकिन गुरुवार को उसने दम तोड़ दिया। खास बात यह है कि इस महिला का कोई यात्रा इतिहास नहीं था। स्वास्थ्य विभाग ने महिला के परिजनों के सैंपल भी लिए हैं। 

Source AMAR UJALA

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