नगर निगम में कोरोना…लाहौरी गेट सीएफसी सेंटर में ठेके पर काम करने वाला मुलाजिम और उसकी मां पॉजीटिव

  • नगर निगम में कोरोना…लाहौरी गेट सीएफसी सेंटर में ठेके पर काम करने वाला मुलाजिम और उसकी मां पॉजीटिव

दैनिक भास्कर

May 31, 2020, 08:11 AM IST

अमृतसर. कोरोना नगर निगम तक पहुंच गया है। शनिवार को शहर में कोरोना के 13 नए केस आए जिनमें लाहौरी गेट स्थित नगर निगम के सिटीजन फैसिलिटेशन सेंटर (सीएफसी) में ठेके पर काम करने वाला मुलाजिम और उसकी मां शामिल हैं।

सेहत महकमे ने शनिवार को जिन 13 नए मरीजों की लिस्ट जारी की, उनमें से 8 पहले से संक्रमित लोगों के संपर्क में आने वाले हैं। इनमें फतेह सिंह कॉलोनी, गेट हकीमां, गली काका सिंह, लक्ष्मणसर चौक के कोरोना मरीजों और चौक फुल्लांवाला की बेकरी वाले का नौकर शामिल है।

इसके अलावा 4 मरीजों की कोई संपर्क हिस्ट्री नहीं है। इनमें हाथीगेट, ग्रीन एवेन्यू, बाबा बकाला और छेहर्टा का एक-एक शख्स शामिल है। छेहर्टा वाला शख्स कुछ दिनों पहले दिल्ली से लौटा है और होम क्वारंटाइन था।

10 दिन से ऑफिस नहीं आ रहा था निगम मुलाजिम

कोरोना पॉजीटिव आया निगम मुलाजिम 10 दिन से ऑफिस नहीं आ रहा था। बुखार के चलते उसे एक निजी अस्पताल में दाखिल कराया गया। वहां टेस्ट रिपोर्ट कोरोना पॉजीटिव आई। संपर्क में आने की वजह से उसकी मां को भी कोरोना हो गया।

यह मुलाजिम सीएफसी सेंटर में कैबिन में बैठकर सीवरेज-पानी, जन्म-मृत्यु प्रमाणपत्र, प्राॅपर्टी टैक्स भुगतान की रसीदें काटकर लोगों को देता है। दिनभर में आई रकम जमा कराने वह रोजाना दोपहर निगम ऑफिस आता था जहां दूसरे सीएफसी सेंटरों के लोग भी आते थे।

फिलहाल ये स्पष्ट नहीं है कि उसे कहां से संक्रमण हुआ मगर उसके संपर्क में कितने लोग आए, यह जानकर नगर निगम में हड़कंप की स्थिति है। उधर निगम कमिश्नर कोमल मित्तल ने कहा कि लाहौरी गेट सीएफसी के सभी 11 मुलाजिमों के टेस्ट करवा रहे हैं। रिपोर्ट आने तक एहतियात बरती जाएगी।

यह राजकुमारी पाल हैं जो शनिवार को घर वापसी का रजिस्ट्रेशन कराने के लिए अमृतसर में लिली रिजॉर्ट के बाहर बैठी हैं। नीचे तपता फर्श और ऊपर चिलचिलाती धूप…ऐसे मेंं राजकुमारी पाल की गोद में लेटा उसका बेटा दूध पी रहा है।

मां की गोद में महफूज इस बच्चे को न कोरोना का डर है और न घर जाने की चिंता, क्योंकि वह दुनिया की सबसे सुरक्षित जगह, अपनी मां की गोद में है। किसी बच्चे के लिए जन्मदात्री, पालक और गुरु ही नहीं बल्कि मां वह अभेद्य दुर्ग है, जहां उसका बच्चा खुद को सबसे सुरक्षित महसूस करता है।

शायद इसी के चलते प्रसिद्ध शायर मुनव्वर राणा ने लिखा है :-‘छू नहीं सकती मौत भी आसानी से इसको, यह बच्चा अभी मां की दुआ ओढ़े हुए है…।’ राजकुमारी पाल ने बताया कि वह यूपी जाने के लिए सुबह 9 बजे रिजॉर्ट में हेल्थ स्क्रीनिंग करवाने पहुंची थी और डेढ़ बजे तक उसकी बारी नहीं आई।

Source BHASKAR

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