धोखाधड़ी का आरोपी खुद को मरा दिखाकर अमेरिका भाग गया, कोराेना के खौफ में 28 बाद भारत आया तो सीबीआई ने धरा

  • पटियाला के पंजाबी बाग एरिया से ताल्लुक रखने वाले 65 वर्षीय निर्मल सिंह के रूप में हुई है आरोपी की पहचान
  • 1985 में निर्मल सिंह ने ढाई लाख की ठगी की थी, 1990 में सीबीआई ने केस दर्ज किया तो 1991 में परिवार ने मृत दिखाया
  • एक व्यक्ति के शव को निर्मल का बताकर संस्कार भी कर दिया था और डेथ सर्टिफिकेट भी जारी करवा लिया

दैनिक भास्कर

May 31, 2020, 05:13 PM IST

पटियाला. पटियाला में सीबीआई ने एक शख्स को 28 साल पुराने मामले में गिरफ्तार किया है। बताया जाता है कि इस शख्स पर धोखाधड़ी का केस दर्ज हुआ था। इससे बचने के लिए वह अपना डेथ सर्टिफिकेट बनवाकर सीबीआई को गुमराह करते हुए नाम बदलकर अमेरिका चला गया। अब जब कोरोना से खौफ खा भारत आया तो सीबीआई ने उसे धर दबोचा। हालांकि इस दौरान वह बेहोश हो गया और टीम ने उसे अस्पताल में भर्ती कराया है।
इस शख्स की पहचान पटियाला के पंजाबी बाग एरिया से ताल्लुक रखने वाले 65 वर्षीय निर्मल सिंह के रूप में हुई है। सीबीआई से मिली जानकारी के अनुसार 1985 में निर्मल सिंह ने ढाई लाख की ठगी की थी। मामला हाईप्रोफाइल होने के बाद जांच सीबीआई को सौंपी गई। 1990 में सीबीआई ने केस दर्ज किया तो 1991 में निर्मल सिंह के परिवार ने उसे मृत दिखा दिया। यही नहीं एक व्यक्ति के शव को निर्मल का बताकर संस्कार भी कर दिया था और डेथ सर्टिफिकेट भी जारी करवा लिया।
इसके बाद एनएस बाठ के नाम से फर्जी पासपोर्ट बनवा निर्मल अमेरिका भाग गया। कोरोना से डरकर वह दो माह पहले ही अमेरिका से लौटा था। उसके अमेरिका से लौटने और पूरे फर्जीवाडा के बारे में सीबीआई को जानकारी मिल गई। टीम उसे पकड़ने पहुंची तो पोल खुलने पर वह बेहोश हो गया। उसकी पत्‍नी को भी हिरासत में ले लिया गया। सीबीआई के सब इंस्पेक्टर विकास कुमार ने बताया कि एंबुलेंस से पति-पत्नी दोनों को चंडीगढ़ ले जाया गया है। वहां मेडिकल करवाकर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
पत्नी के झगड़े ने किया फर्जीवाडे का पर्दाफाश
निर्मल सिंह की पत्‍नी ने एक यूट्यूब चैनल खोल रखा था, जिसे कुछ महीने पहले ही उसने एक दूसरे व्यक्ति को सौंप दिया था। इसके बाद दोनों में विवाद हो गया था, जिसकी शिकायत सिविल लाइन थाना में भी दर्ज करवाई गई थी। दोनों में झगड़ा इस कदर बढ़ गया कि निर्मल सिंह के इस फर्जीवाड़े की सूचना सीबीआई तक भी पहुंच गई और टीम ने शनिवार को उसे पकड़ लिया।
सबसे बड़ा सवाल, आखिर मरने वाला व्यक्ति कौन था?
यह भी जांच की जा रही हैं कि तब मरने वाला व्यक्ति कौन था। क्या उसकी हत्या तो नहीं की गई थी। ठगी किससे व किस मामले में की थी, इस बारे में टीम कुछ भी बचाने से बचती रही। सीबीआई के अनुसार, ढाई लाख की ठगी का मामला हाईकोर्ट में चल रहा है।

Source BHASKAR

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