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जम्मू-कश्मीर: कोरोना वायरस के डर ने फीकी कर दी ईद की सेवईयों की मिठास

श्रीनगर: जम्मू-कश्मीर में इस बार ईद की रौनक नहीं दिखाई दे रही. कोरोना वायरस संक्रमण के चलते प्रशासन ने किसी भी बंदिश को न उठाने का फैसला किया है. साथ ही ये भी कहा गया है कि होम डिलीवरी से लोगों को आवश्यक सामग्री पहुंचाई जाएगी.

कश्मीर घाटी में कोरोना वायरस के चलते ईद के अवसर पर व्यस्त रहने वाले बाजार खामोश हैं. क्योंकि महामारी के बाद से लॉकडाउन के चलते दुकानें बंद हैं और सड़कें वीरान हैं. वायरस के संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए बंदिशें लागू रहेंगी ऐसा प्रशासन ने फैसला किया है. 

कश्मीर घाटी में रमजान का महीना पूरा होने के साथ ईद पर ऐसा सन्नाटा पहली बार दिखा है. यह दृश्य घाटी में सबसे व्यस्त रहने वाले बाजार और दिल कहे जाने वाले श्रीनगर के लाल चौक का है. जहां कोरोना के प्रकोप के चलते सब कुछ बंद है न तो दुकानें खुली हैं, न यातायात चल रहा है. ईद की  गहमागहमी कही नहीं दिख रही.

प्रशासन ने श्रीनगर में ईद के अवसर लोगों को जरूरी चीजों की होम डिलीवरी करने का फैसला किया है. ताकि लोगों को कुछ हद तक ईद मानाने में सहूलियत हो.

जिला कमिशनर श्रीनगर शहीद चौधरी कहते हैं, ईद  पर बंदिशें रहेंगी कोई सोशल गैदरिंग नहीं होगी. ईद के लिए जो भी जरूरी चीजें हैं बेकरी हो, मटन हो,  उसकी होम डिलीवरी होगी. इस्लामिक उलेमाओं की भी मदद ली गई है. जाहिर है ईद उस तरह की नहीं होगी, मगर हमें समझना चाहिए यह साधारण ईद नहीं है.

रमजान के महीने के बाद ईद की खुशी का इस वर्ष लोगों को आनंद लेने का मौका नहीं मिलेगा. कोरोना वायरस के डर ने ईद की सेवईयों की मिठास फीकी कर दी है. 

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