चंडीगढ़, पंजाब और हरियाणा की अदालतें वीसी के जरिए सुनवाई में बेहतरीन काम कर रही है:हाईकोर्ट

  • वकीलों को शारीरिक तौर पर पेश होने के लिए विवश न करने की मांग को हाईकोर्ट ने अनुचित बताया, कहा कोई शिकायत नहीं मिली

दैनिक भास्कर

May 29, 2020, 06:12 PM IST

चंडीगढ़. (ललित कुमार). वकीलों को अदालतों में शारीरिक तौर पर पेश होने के लिए विवश न किए जाने की मांग को लेकर एक जनहित याचिका को खारिज करते हुए पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने कहा कि चंडीगढ़, पंजाब और हरियाणा की अदालतें वीडियो कांफ्रेंसिंग (वीसी) के जरिए सुनवाई में बेहतरीन काम कर रही हैं। चीफ जस्टिस रवि शंकर झा और जस्टिस अरुण पल्ली की खंडपीठ ने कहा कि उनके पास ऐसी कोई शिकायत भी नहीं आई है।

ऐसे में याचिका आधारहीन है जिसे स्वीकार नहीं किया जा सकता। वकील फैरी सोफत की तरफ से याचिका दायर कर कहा गया कि चंडीगढ़, पंजाब और हरियाणा की अदालतों को निर्देश दिए जाएं कि वे वीसी के जरिए ही सुनवाई करें और किसी वकील को शारीरिक तौर पर कोर्ट में पेश होने के लिए विवश न करें।

इसके अलावा कोर्ट में केस दायर करने के लिए जेल अथॉरिटीज को निर्देश दिए जाएं कि वे ई वकालतनामा और पावर ऑफ़ अटार्नी जेल में बंद कैदियों से लेकर उन्हें आगे संबंधित वकीलों को भेजें। सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने कहा कि ऐसा कुछ भी सामने नहीं आया कि किसी केस पर फैसला लेने के लिए वकील को शारीरिक तौर पर पेश होने के लिए कहा गया हो। चंडीगढ़, पंजाब और हरियाणा की जिला अदालतें वीसी के जरिए सुनवाई में शानदार काम कर रही हैं।

सैंकड़ों नहीं हजारों केस रोज दायर हो रहे
हाईकोर्ट ने फैसले में कहा कि ई वकालतनामा और पावर ऑफ अटार्नी के जरिए सैंकड़ों नहीं बल्कि हजारों केस रोजाना चंडीगढ़, पंजाब और हरियाणा की जिला अदालतों में दायर किए जा रहे हैं। इस बारे में उनके पास कोई शिकायत भी नहीं आई है। ऐसे में याचिका आधारहीन है जिसे स्वीकार नहीं किया जा सकता।

Source BHASKAR

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