कोरोना टेस्टिंग को लेकर CM केजरीवाल के इस आदेश से बढ़ी लोगों की मुश्किलें

नई दिल्ली: कोरोना टेस्टिंग (Coronavirus Testing) को लेकर दिल्ली सरकार (Delhi Govt) की ओर जारी एक सर्कुलर ने लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं. केजरीवाल सरकार के इस सर्कुलर की वजह से  4 जून को दिल्ली की कई लैबों में कोरोना टेस्टिंग नहीं हो सकी.

दरअसल मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल (Arvind Kejriwal) ने कोरोना टेस्टिंग को लेकर 3 जून एक नई गाइडलाइंस जारी की थी. जिसमें बताया गया था कि लैब में किस तरह के मरीजों का टेस्ट किया जा सकता है. सर्कुलर के मुताबिक केवल ऐसे ही मरीजों का टेस्ट किया जाएगा, जिन्हें बुखार आदि के लक्षण होंगे या फिर वह हाई रिस्क जोन से आए हैं. जिसका परिणाम यह हुआ कि कई मरीज अपना कोरोना टेस्ट नहीं करा सके.

इसके अलावा दिल्ली सरकार ने 7 लैबों को कारण बताओ नोटिस भी जारी किया है. जिसमें यह पूछा गया है कि वह टेस्ट के रिजल्ट देने में इतनी देरी क्यों कर रहे हैं.

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जानकारी के मुताबिक, एक ही बिल्डिंग में दो व्यक्तियों के कोरोनावायरस के बाद जब सभी एंप्लॉय के टेस्ट का मौका आया, तो मास टेस्टिंग नहीं हो सकी क्योंकि सभी लैब ने यही दलील दी कि दिल्ली सरकार के आदेश के मुताबिक अब वह मास टेस्टिंग नहीं कर सकते हैं.

आपको बता दें कि दिल्ली में कोरोना वायरस के मामले लगातार तेजी से बढ़ रहे हैं. स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक, दिल्ली में अबतक कोरोना के कुल 23,645 मामले दर्ज किए गए हैं. मृतकों की संख्या बढ़कर 606 हो गई है. कोरोना से अबतक 9,542 मरीज ठीक भी हुए हैं. देशभर में कोरोना के मामलों की बात की जाए तो यह आंकड़ा 2 लाख 17 पहुंच गया है.

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