कैबिनेट मंत्री सोनी की कोठी पर पहुंचे आप नेता, बोले; जहां भी जाओगे…वहीं आकर घेराव करेंगे

  • आप कार्यकर्ताओं के धरने से पहले पटियाला चले गए सोनी, मांगें पूरी न होने तक काले बिल्ले लगाकर काम करेंगे रेजिडेंट डॉक्टर्स
  • फैसला वापस नहीं लेने तक करते रहेंगे विरोध : मीत हेयर

दैनिक भास्कर

Jun 04, 2020, 05:30 AM IST

अमृतसर. मेडिकल एजुकेशन के स्टूडेंट्स की फीस बढ़ाने के खिलाफ आम आदमी पार्टी के नेताओं ने बुधवार को रानी का बाग स्थित मेडिकल एजुकेशन एंड रिसर्च डिपार्टमेंट के मंत्री ओम प्रकाश सोनी की कोठी का घेराव करने पहुंचे, लेकिन उन्हें कोठी से कुछ दूर पार्क के पास रोक दिया गया।

आप वर्करों को रोकने के लिए पुलिस ने चारों और से बैरिकेडिंग कर रखी थी। दोपहर 12 बजे आप वर्कर पहुंचे तो उन्हें पुलिस ने रोक दिया। वर्कर वहीं धरने पर बैठ गए। इस दौरान कैप्टन सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी करते हुए फीसों में कटौती करने की मांग की।

आप नेताओं ने मांग पूरी न होने तक संघर्ष जारी रखने की बात कही। कहा कि  मंत्री सोनी जहां भी जाएंगे, वहीं उनका विरोध किया जाएगा। प्रदर्शन हलका बरनाला से विधायक मीत हेयर की अगुवाई में किया गया।

जिसमें आप विधायक अमन अरोड़ा, यूथ प्रधान मनजिंदर सिंह सिद्धू पहुंचे थे। इस दौरान एसडीएम विकास हीरा प्रदर्शनकारियों से मिलने पहुंचे और ज्ञापन लेकर उनकी मांग सरकार तक पहुंचाने का आश्वासन दिया।

फैसला वापस नहीं लेने तक करते रहेंगे विरोध : मीत हेयर 

विधायक मीत हेयर ने कहा कि सरकार को जगाने के लिए आए हैं। वह तब तक इसका विरोध करेंगे, जब तक यह फैसला वापस नहीं लिया जाता। कहा कि मंत्री सोनी धरने की सुनकर बाहर चले गए।

वह जहां-जहां जाएंगे आप इस मुद्दे पर उन्हें घेरेंगी। अकाली दल के समय ही फीसों में वृद्धि शुरू हो चुकी थी। वर्ष 2012 में 13 हजार थी। अब पंजाब में फीसें एक लाख 56 हजार के करीब है।

जनता विरोधी है बढ़ाई गईं फीस : अमन अरोड़ा 

आम आदमी पार्टी के विधायक अमन अरोड़ा ने कहा कि एमबीबीएस, एमडी और एमएस की फीसों में की गई वृद्धि जनता विरोधी है। कोरोना वायरस की महामारी में जहां पूरी दुनिया फ्रंट लाइन पर खड़े डॉक्टरों को सलाम कर रही है वहीं कैप्टन सरकार फीस बढ़ाकर इन डॉक्टरों का निरादर कर रही है।

आज नई दिल्ली सहित अन्य पड़ोसी राज्यों में कुछ हजार रुपए में ही एमबीबीएस और एमडी, एमएस की डिग्री कर लेते हैं, लेकिन पंजाब सरकार लाखों रुपए लेकर इन स्टूडेंट्स का शोषण कर रही है।

सरकार जब तक यह फैसला वापस नहीं लेती, तब तक विरोध जारी रहेगा। उन्होंने कहा कि इस समय लॉकडाउन है और लोगों के हालात बदतर हैं, लेकिन सरकार की ऐसी क्या मजबूरी थी कि ऐसे समय में यह फीसें बढ़ाने का फैसला किया।

Source BHASKAR

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