कश्मीर: आतंकी नेटवर्क को तबाह करने के लिए बनाया गया नया प्लान, ऐसे मिटेगा आतंकवाद

कश्मीर: जम्मू-कश्मीर पुलिस और सुरक्षाबलों (Indian Army) ने आतंकी समर्थकों की सूची को रिवाइज कर दिया है. इसी के साथ कश्मीर में आतंकवादी समर्थकों (ओजीडब्लू) पर पकड़ को भी मजबूत किया गया है, जिससे आतंकियों के नेटवर्क को कमजोर किया जा सके और उनकी गतिविधिओं और मूवमेंट को रोका जा सके, और उन तक पहुंचा जा सके. इस अभियान के तहत सभी जिलों में पुलिस अधिकारियों को मजबूती से इस नेटवर्क को तोड़ने के लिए काम करने को कहा गया है. 

सूत्रों के अनुसार, सभी जिला मुख्यालयों से संदिग्ध आतंकवादी समर्थकों की सूची को अपडेट करने और उन्हें पूछताछ के लिए बुलाने के लिए कहा गया है, और उनसे आतंकवादी नेटवर्क पर एक अपडेट प्राप्त करने को कहा गया है. सैकड़ों आतंकी समर्थकों के नामों की एक सूची तैयार की गई है, जिन पर शक है कि वो आतंकवादी समर्थक हैं, उन पर घाटी के जिला पुलिस अधिकारी अपडेटेड जानकारी प्राप्त करने के लिए इस साल शुरू से काम कर रहे हैं. 

ये भी पढ़ें- दिल्ली दंगों का मरकज कनेक्शन, मौलाना साद ​से जुड़े हैं आरोपी के तार

आतंकवादी समर्थक नेटवर्क लगातार पुलिस रडार पर हैं और ह्यूमन इंटेलीजेंस के जरिए उन तक पहुंचा जा रहा है. पुलिस का मानना है कि आतंकवादी समर्थक नेटवर्क सुरक्षाबलों के बारे में विशेष जानकारी के साथ आतंकवादियों की मदद करते हैं. इसलिए अगर उन तक पहुंचा जाए तो आतंकी कमजोर पड़ सकते हैं. 

ओजीडब्ल्यू (ओवर ग्राउंड वर्कर) आतंकियों तक सूचना और खाने-पीने की सामग्री पहुंचाते हैं. इसके अलावा ये वर्कर आतंकियों को छुपाने, उनके हथियार छुपाने और एक जगह से दूसरी जगह ले जाने का भी काम करते हैं. 

इस साल अब तक 135 आतंकवादी समर्थकों को गिरफ्तार किया गया है और 125 और रडार पर हैं. 

आइजीपी कश्मीर विजय कुमार ने कहा, ‘अभी तक हमने 135 लोगों को पकड़ा है और 125 लोगों की शिनाख्त की है, जिन्हें जल्द पकड़ा जाएगा. पकड़े गए लोगों से पूछताछ की जाएगी और जो A कैटेगरी के लोग होंगे, उन पर PSA लगेगा और B कैटेगरी के लोगों को गिरफ्तार किया जाएगा. C कैटेगरी के लोगों की कॉउंसलिंग करके उन्हें, उनके मां बाप के हवाले कर दिया जाएगा. 

एक पुलिस अधिकारी ने कहा कि अगर हम तालाब से पानी खत्म कर दें तो मछली जीवित नहीं रहेगी. हम आतंकियों को मिल रहे समर्थन को टारगेट कर रहे हैं, जिससे आतंकी कमजोर पड़ जाएं. यही कारण है कि आतंकी ही नहीं बल्कि इनके बड़े-बड़े कमांडर इस वर्ष मारे गए. पुलिस अधिकारियों का मानना है कि अगर आतंकवादी समर्थक नेटवर्क मजबूत होते हैं तो आतंकवादी अधिक समय तक जीवित रह सकते हैं. 

ये भी देखें- 

आतंकवाद विरोधी अभियानों में सुरक्षाबलों के लिए यह एक सफल वर्ष रहा है और सुरक्षाबलों द्वारा दिए गए आंकड़ों को मानें तो इस साल अब तक 20 शीर्ष कमांडरों सहित 78 आतंकवादियों को मार गिराया गया है और 22 को जम्मू कश्मीर में जिंदा पकड़ा गया है.  

[source_ZEE NEWS]
%d bloggers like this: