एनजीटी के आदेश पर काला संघिया ड्रेन की सफाई कराएगा निगम, 27 लाख होंगे खर्च

  • तीन माह बाद एनजीटी की मॉनिटरिंग कमेटी ने वीसी कर सभी विभागों से ली रिपोर्ट

दैनिक भास्कर

May 30, 2020, 08:01 AM IST

जालंधर. कर्फ्यू के कारण दो माह बाद एनजीटी की मॉनिटरिंग कमेटी सिटी में बढ़ते प्रदूषण और गंदे पानी को ट्रीट नहीं होने की समस्या पर एक बार फिर से सक्रिय हो गई है।

शुक्रवार को कमेटी के चेयरमैन रिटायर्ड जस्टिस जसबीर सिंह ने वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से सभी विभागों के अफसरों से हालात की जानकारी लेने के साथ ही एनजीटी के निर्देश पर होने वाले काम की प्रोग्रेस रिपोर्ट भी मांगी। कर्फ्यू के दौरान काला संघिया ड्रेन में सीवरेज का गंदा पानी की निकासी बंद होने की निगम ने एनजीटी कमेटी को रिपोर्ट दी थी। 

बताया था कि निगम के सारे सीवरेज के आउटलेट बंद हैं। इसको लेकर कमेटी ने निगम को ड्रेन की सफाई करने को कहा है, वीसी में मौजूद कमिश्नर दीपर्व लाकड़ा ने बताया कि नहरी विभाग से एस्टीमेट बनवाया गया है।

करीब 27 लाख रुपए का खर्च है, जल्द ही फंड नहरी विभाग को ट्रांसफर कर दिया जाएगा, ताकि सफाई हो सके। साथ ही कमेटी ने ड्रेन के किनारे पड़े मलबे और कूड़े के ढेर को साफ करने के लिए कहा है। जॉइंट कमिश्नर हरचरण सिंह ने कहा कि जल्द ही काम को पूरा कराया जाएगा।

50 एमएलडी के एसटीपी और बायो गैस प्लांट का काम तेज करने के निर्देश

मॉनिटरिंग कमेटी ने निगम कमिश्नर से फोल्ड़ीवाल में 50 एमएलडी का नया सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट, बस्ती पीरदाद में 15 एमएलएडी का नया प्लांट और फोल्ड़ीवाल के 100 एमएलडी के पुराने प्लांट को अपग्रेड करने के काम की रिपोर्ट मांगी।

बताया गया कि फोल्ड़ीवाल के दोनों प्लांट के काम का 70 करोड़ के टेंडर का प्रोसेस चल रहा है, जबकि बस्ती पीरदाद के प्लांट की डीपीओ अमरूत के तहत मंजूर होनी है। इसके अलावा जमशेर डेयरी कांप्लेक्स में बायो गैस प्लांट लगाने के लिए पेडा द्वारा मंजूर एजेंसी से जमीन का एग्रीमेंट हो गया है, जल्द ही कंपनी की डिजाइन की मंजूरी के बाद निर्माण कार्य शुरू कराया जाएगा।

Source BHASKAR

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